बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय स्थित समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों का शुक्रवार को एसडीएम सदर ने निरीक्षण किया। उन्होेंने स्थिति को जांचा-परखा। वहां सुरक्षा, भवन की स्थिति, छात्रों के खाने-पीने की व्यवस्था आदि के बारे में जानकारी ली। हालांकि छात्रावास के भवन की जर्जर स्थिति और साफ-सफाई की स्थिति को लेकर वे नाराज दिखे। दोनों ब्वॉयज छात्रावासों में से एक में छात्रों के खुद खाना बनाने और हॉस्टल की गंदगी को देखकर वे बिफर पड़े। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को स्थिति में सुधार के निर्देश दिए।
पिछले दिनों रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय परिसर स्थित समाज कल्याण विभाग के दो छात्रावासों मेें अवैध रूप से बाहरी तत्वों के रहने की शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी। यह भी कहा गया था कि इन छात्रावासों की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय को सौंप दी जानी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय में बाहरी तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाई जा सके। यह विवाद काफी बढ़ गया था। इसे लेकर परिवहन मंत्री अशोक कटियार ने भी डीएम से बात की और मामले को सुलझाने को कहा। इस पर डीएम ने एसडीएम को इन छात्रावासों का नोडल अधिकारी बना दिया और अब नियमित रूप से एसडीएम को वहां निरीक्षण करना है।
शुक्रवार को इसी क्रम में सुबह साढ़े दस बजे एसडीएम ईशान प्रताप सिंह छात्रावास पहुंचे और उन्होंने व्यवस्था की जांच करनी शुरू की। इस दौरान दोनों हॉस्टल का भवन काफी जर्जर पाया गया। पूछने पर समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि ने मरम्मत के लिए बजट का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की बात बताई। वहीं दोनों छात्रावासों में मेस की कोई व्यवस्था नहीं पाई गई। एक छात्रावास में तो लड़के खुद ही खाना बना रहे थे, जिसके चलते उनके कमरों मेें काफी गंदगी भी थी। इसके अलावा सुरक्षा की स्थिति भी इन दोनों छात्रावासों में ठीक नहीं पाई गई। इस दौरान एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में जल्द सुधार करने का निर्देश दिया।