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परधौली और लंगुरा के प्रधान और सचिव पर होगी रिपोर्ट

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बरेली। परधौली और लंगुरा के ग्राम प्रधान एवं सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है। भोजीपुरा के गांव परधौली में पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी को निरीक्षण के दौरान तमाम खामियां मिली थीं। वहीं, लंगुरा ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने बजट के बंदरबांट के आरोप लगाए थे। डीपीआरओ और समाज कल्याण अधिकारी ने जांच शुरू कर प्रधान और सचिव से दस्तावेज मांगे लेकिन वे चुप्पी साधकर बैठ गए। इस पर दोनों ग्राम प्रधान और सचिव को दस्तावेज सौंपने का अंतिम मौका देते हुए मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
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डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार की ओर से परधौली के प्रधान और सचिव को दिए चेतावनी पत्र में कहा गया है कि पंचायती राज मंत्री के निर्देशों के क्रम में उनसे संबंधित निर्माण कार्यों की रिपोर्ट मांगी गई थी। मगर दोनों ही जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। निर्माण कार्य में धांधली और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका दिख रही है। अगर तीन दिन में अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए तो इस चेतावनी पत्र को अंतिम मानते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। बता दें कि पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी के निरीक्षण में परधौली गांव में शौचालयों में भूसे, कंडे, लकड़ियां आदि भरे मिले हुए थे। तमाम शौचालयों के प्लास्टर उधड़े थे और सड़कों एवं सामुदायिक केंद्र की स्थिति भी जर्जर मिली थी। इस पर मंत्री ने डीपीआरओ को जांच करके दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
वहीं, आलमपुर जाफराबाद की ग्राम पंचायत लंगुरा के प्रधान और सचिव के खिलाफ ग्रामीणों ने छह माह पहले डीएम से शिकायत की थी। आरोप थे कि ग्राम प्रधान बालिस्टर सिंह और सचिव इज्जत अली जनकल्याणकारी सुविधाओं का लाभ जनता को नहीं दे रहे। सरकारी धन का दुरुपयोग कर परिवार और बिरादरी के लोगों का विकास कर रहे हैं। उन्होंने प्रधान और सचिव को सपा कार्यकर्ता बताकर योगी सरकार को बदनाम करने का भी आरोप लगाया था। डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित को इसकी जांच सौंपी थी। उन्होंने जांच शुरू कर प्रधान और सचिव से कई बार अभिलेख मांगे लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस मामले में भी डीपीआरओ ने दोनों को रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
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परधौली और लंगुरा ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगे हैं। मगर ग्राम प्रधान और सचिव दस्तावेज नहीं उपलब्ध करा रहे हैं। इसलिए रिपोर्ट दर्ज कराने से पूर्व उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई है।
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- धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ
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