ऑनलाइन परीक्षा फीस जमा करने की व्यवस्था के चलते कई कॉलेजों के हजारों छात्र-छात्राओं के परीक्षा फार्म नहीं भर पा रहे हैं। कॉलेज छात्रों से परीक्षा फीस पहले ही जमा करा चुके हैं लेकिन विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन परीक्षा फीस दिए बिना परीक्षा फार्म भरने का विकल्प न होने से ये छात्र-छात्राएं परेशान हैं।
पिछले वर्षों में तमाम कॉलेजों ने छात्र-छात्राओं से वसूली परीक्षा फीस विश्वविद्यालय में जमा करने के बजाय खुद ही हड़प ली थी। पिछले साल यह मामला खुलने के बाद कमेटी बनाकर इसकी जांच कराई गई। इस दौरान 10-12 कॉलेजों से जुर्माना समेत परीक्षा फीस वसूल की गई। जांच प्रक्रिया अब भी जारी है।
इस हेराफेरी को रोकने के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने परीक्षा फार्म भरने के दौरान ही ऑनलाइन परीक्षा फीस जमा करने की व्यवस्था शुरू की। मगर बरेली कॉलेज समेत तमाम कॉलेजों ने इस बार भी छात्र-छात्राओं से परीक्षा फीस वसूल ली है। अब आनॅलाइन परीक्षा फार्म भरने के दौरान वेबसाइट पर इन छात्र-छात्राओं से दोबारा परीक्षा फीस मांगी जा रही है।
बिना परीक्षा फीस के फार्म भरने का विकल्प न होने के चलते हजारों छात्र-छात्राएं परेशान हैं। इसे लेकर बरेली कॉलेज समेत कई कॉलेजों ने विश्वविद्यालय को पत्र लिखा है कि वे नई व्यवस्था से अनभिज्ञ थे। लिहाजा छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर इस बार उनके छात्र-छात्राओं को फार्म भरने की अनुमति दी जाए।
ब्याज के चक्कर में होता है खेल
बताया जाता है कि कॉलेज ब्याज का लाभ पाने के लिए परीक्षा फीस स्वयं वसूलते हैं, क्योंकि कॉलेजों में परीक्षा फीस जुलाई, अगस्त में एडमिशन के दौरान ही ले ली जाती है, जबकि विश्वविद्यालय को इसका भुगतान दिसंबर, जनवरी में होता है। यह धनराशि लाखों में होने के चलते इस दौरान कॉलेजों को बैंक से ब्याज का लाभ मिल जाता है।
नियम की जानकारी न होने के चलते छात्र-छात्राओं से परीक्षा फीस ले ली गई। अब वेबसाइट पर बिना परीक्षा फीस के फार्म भरने का विकल्प नहीं है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखा गया है। - डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य, बरेली कॉलेज