बरेली। बरेली कॉलेज में एडमिशन के लिए फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र लगाने वालों पर कार्रवाई फुटबाल बन गई है। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा इसकी जिम्मेदारी मुख्य प्रवेश समन्वयक डॉ. अनुराग मोहन पर डाल रहे हैं और डॉ. अनुराग मोहन यह जिम्मेदारी प्राचार्य की बता रहे हैं। इसको लेकर कॉलेज में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कोई इसे छात्र नेताओं का खौफ बता रहा है तो कोई इसे उन्हें बचाने की कोशिश बता रहा है।
पिछले दिनों बरेली कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया के दौरान सामने आया था कि एलएलबी में कई छात्र नेताओं ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट लगाकर दूसरों का हक मारा है। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया तो प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने मुख्य प्रवेश समन्वयक डॉ. अनुराग मोहन को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एलएलबी के 30 संदिग्ध दिव्यांग सर्टिफिकेट जांच के लिए सीएमओ को भेजे गए, उनमें से नौ सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए हैं। मगर इन फर्जी सर्टिफिकेट लगाने वालों पर कार्रवाई का मामला फुटबाल बना दिया गया है।
शुक्रवार को प्राचार्य ने यह सर्टिफिकेट मुख्य प्रवेश समन्वयक को भेजकर इनका प्रवेश निरस्त कराने की कार्रवाई करने को पत्र लिखा है। मगर मुख्य प्रवेश समन्वयक इसे प्राचार्य की जिम्मेदारी बता रहे हैं।
आखिर क्यों बच रहे जिम्मेदार
प्राचार्य और मुख्य प्रवेश समन्वयक एक-दूसरे पर कार्रवाई की जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इसको लेकर कॉलेज में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे छात्रनेताओं का डर बता रहे हैं कि कहीं कॉलेज में बवाल न हो जाए, वहीं कुछ अन्य लोग इसे साठगांठ करार दे रहे हैं। कॉलेज में यह भी चर्चा है कि प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा के रिटायर होने में कुछ ही समय बचा है इसलिए वह विवाद से बच रहे हैं। वहीं, डॉ. अनुराग मोहन अब प्राचार्य बनने की कगार पर इसलिए वह भी इस विवाद से बच रहे हैं।
चार सर्टिफिकेट की दूसरे जिलों से होगी जांच
दिव्यांग के चार अन्य प्रमाणपत्रों पर जांच अभी अधर में है। बताया जाता है कि यह प्रमाणपत्र दूसरे जिलों के हैं, जिसके चलते सीएमओ ने इन्हें लौटा दिया है। अब बरेली कॉलेज इन्हें संबंधित जिलों के सीएमओ को भेजने की तैयारी कर रहा है।
नौ मेडिकल सर्टिफिकेट फर्जी मिले हैं। मुख्य प्रवेश समन्वयक को पत्र लिखकर उनका प्रवेश निरस्त कराने संबंधी कार्रवाई को कहा गया है। यह उन्हीं की जिम्मेदारी है।
- डॉ. अजय कुमार शर्मा, प्राचार्य
प्राचार्य का पत्र मिला है, मैं शनिवार को प्रमाणपत्रों की जांच करके बता दूंगा कि उनके एडमिशन हुए हैं या नहीं। एडमिशन निरस्त कराने की कार्रवाई प्राचार्य के स्तर से होनी है।
- डॉ. अनुराग मोहन, मुख्य प्रवेश समन्वयक