बरेली। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय अब वैदिक सभ्यता पर आधारित वैदिक गणित जैसे पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी में है। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं पर कोर्स शुरू किए जाएंगे। शुक्रवार को केंद्र समन्वयकों के सेमिनार में पहुंचे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस बार योग, फूड एंड न्यूट्रीशियन, जीएसटी, एग्री बिजनेस, बागवानी, एमए होमसाइंस, उर्दू, भूगोल और लैब टेक्नीशियन जैसे कई रोजगारपरक कोर्स भी शुरू किए गए हैं। इन कोर्स से रोजगार की नई संभावनाएं पैदा होंगी। इससे पूर्व उन्होंने मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा में अवसर और चुनौतियों पर केंद्र समन्यवकों को संबोधित किया। बरेली कॉलेज में एमएड सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा हम उच्च शिक्षा को किचन तक पहुंचाना चाहते हैं, ताकि महिलाएं आगे बढ़ें। शिक्षा विशेष वर्ग के लिए नहीं है। यहां हर वर्ग के लिए शिक्षा है, ये क्लास नहीं मास विश्वविद्यालय है ताकि उच्च शिक्षा का दायरा बढ़े। विशिष्ट अतिथि बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने बेहतर शिक्षा और देशहित में उसके प्रयोग पर जोर दिया। विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक डॉ. आशुतोष गुप्ता ने राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. आरबी सिंह ने की। संचालन बरेली कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शालिनी सिंह ने किया।
समस्याओं पर थमाया बातों का झुनझुना
विश्वविद्यालय के साथ काम कर रहे केंद्र समन्वयक तमाम समस्याएं लेकर भी आए थे। उनका कहना है कि बातचीत का सिस्टम बहुत अच्छा नहीं है। अन्य तमाम दिक्कतें भी हैं, जिन पर वे लोग बात करना चाहते हैं लेकिन ऐसा नहीं हो पाता। कुलपति को भी केंद्र समन्वयकों की समस्या का अहसास था इसलिए उन्होंने शिकायतें मिलने से पहले ही सारी खामियां अपने सिर लेकर सबकी नाराजगी दूर कर दी। कहा- खामियां हर जगह होती हैं लेकिन उनके साथ ही हमें बेहतर करना है।