सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में सौ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लखनऊ की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ बन्नूवालनगर में शराब कारोबारी अजय जायसवाल के घर छापा मारा। अजय जायसवाल तो नहीं मिला लेकिन टीम ने उसकी पत्नी रीता जायसवाल और बच्चों से से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। अजय का कानपुर और उन्नाव में शराब का कारोबार है।
ईडी की टीम पुलिस लाइन से स्थानीय पुलिस को लेकर सुबह करीब नौ बजे दो गाड़ियों से अजय जायसवाल के घर पहुंची और उसके बारे में पूछताछ की। पत्नी रीता ने टीम को बताया कि उनका अजय से पांच साल से कोई वास्ता नहीं है। वह यहां रहता भी नहीं है। उन लोगों के बीच कोर्ट में पारिवारिक विवाद चल रहा है। अगले महीने तलाक हो जाएगा। रीता यहां अपनी दो बेटियों और एक बेटे के साथ रहती हैं। वह कॉस्मेटिक की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। टीम ने रीता से अजय के कारोबार के बारे में भी जानकारी की लेकिन वह कुछ नहीं बता सकीं। उन्होंने बताया कि वह सिर्फ इतना जानती हैं कि अजय शराब का काम करता है। टीम ने उनके घर में दस्तावेजों की भी तलाश की लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। दोपहर करीब एक बजे टीम यहां से चली गई।
एसटीएफ ने अजय समेत 16 लोगों पर दर्ज कराई थी रिपोर्ट
फरवरी में टपरी डिस्टलरी में टैक्स चोरी का मामला सामने आने पर एसटीएफ ने वहां छापा मारा था। इस दौरान सामने आया कि साल भर से टपरी डिस्टलरी में गोलमाल चल रहा था। जब भी वहां से किसी जिले में शराब भेजी जाती थी तो एक गेट और एक बिल्टी पर शराब के दो ट्रक निकाले जाते थे। गड़बड़ी पकड़ में न आए इसलिए शराब की पेटियों पर नकली बारकोड भी चिपकाया जाता था। यह खेल उन्नाव, कानपुर, संभल, बदायूं आदि के ठेकेदारों से मिलीभगत करके चलाया जा रहा था। इस मामले में एसटीएफ ने दो मुकदमे दर्ज कराए थे। इनमें से एक में उन्नाव स्थित शराब गोदाम के मालिक अजय जायसवाल समेत 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद से ही अजय फरार है। मामला सौ करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी का था, इसलिए एसआईटी के साथ ही ईडी भी इसकी जांच कर रही है।
हर कागज पर बरेली का पता
अजय जायसवाल भले ही पांच साल से बरेली में बन्नूवालनगर स्थित घर में नहीं रह रहा है लेकिन उसने सभी दस्तावेजों में यहीं का पता दर्ज करा रखा है। यही वजह है कि गुरुवार को उसकी तलाश में ईडी की टीम यहां पड़ताल करने पहुंची, लेकिन उसके बारे में कोई खास जानकारी नहीं मिली।
हरूनगला में पकड़ी गई शराब से भी मिला था अजय का कनेक्शन
बारादरी पुलिस और क्राइम ब्रांच ने 24 मार्च को हरूनगला में शराब की 14 सौ पेटियों से भरा ट्रक पकड़ा था। मौके से फतेहगंज पश्चिमी निवासी ट्रक चालक संजय को गिरफ्तार किया गया था। उसने बताया था कि यह शराब मनोज जायसवाल ने मंगाई थी। जांच में सामने आया कि यह ट्रक 28 फरवरी को टपरी डिस्टलरी से शराब लेकर उन्नाव स्थित अजय जायसवाल के गोदाम के लिए रवाना हुआ था। शराब कानपुर की दुकानों पर बिक्री के लिए वैध थी।
अजय जायसवाल और मनोज जायसवाल चूंकि आपस में रिश्तेदार हैं, इसलिए सांठगांठ करके मनोज ने यह शराब बरेली में खपाने के लिए मंगा ली। इस मामले में मनोज भी अभी फरार है। अब इस प्रकरण की जांच भी एसआईटी को दे दी गई है।