डीएम के आदेश पर लेखपाल ने वर्ष 2023 में शहला पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने का मुकदमा दर्ज कराया है। पीलीभीत के थाना सुनगढ़ी में फर्जी अधिशासी अधिकारी बनाने का भी मुकदमा दर्ज हुआ था। यह भी कोर्ट में विचाराधीन है।
कैग की रिपोर्ट में हम निकले बेदाग : शहला
पूर्व पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर ने बताया कि ईओडब्ल्यू मामले में कैग की चार सदस्यीय टीम ने नवाबगंज पालिका कार्यालय आकर रिकॉर्ड लिया था। उस टीम ने हमें निर्दोष माना था। दो कर्मचारी दोषी मिले थे, जिनके खिलाफ मैंने ही पहले रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हमारे पास बेगुनाही का पूरा रिकॉर्ड है, उसे ईडी के समक्ष रख देंगे।
ईओडब्ल्यू की जांच से फंसीं शहला
शहला ताहिर पर वित्तीय घोटाले की शिकायत दो साल पहले शासन से की गई थी। लखनऊ के ईओडब्ल्यू थाने की टीम ने इस मामले में खुली जांच की तो शहला के पालिकाध्यक्ष रहते 10.14 करोड़ रुपये गबन की पुष्टि हुई। इस मामले में वहीं पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
अब उसी मामले में ईडी ने शहला ताहिर को आरोपी बनाया है। आईपीसी के तहत आरोपों की विवेचना अब भी ईओडब्ल्यू की टीम करेगी, जबकि आर्थिक अपराध की जांच ईडी के जिम्मे होगी। शहला के अलावा तीन पूर्व ईओ व पालिका के सात कर्मचारी भी ईओडब्ल्यू थाने में आरोपी हैं।