बरेली। नगर निगम ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और ठेकों के आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए नगर निगम शहर की सब्जी मंडियों और वाहन पार्किंग के ठेकों की आवंटन प्रक्रिया को अब डिजिटल कर दिया गया है। अभी तक यह नीलामी पारंपरिक यानी मैन्युअल तरीके से होती रही है, जिसमें अक्सर गुटबाजी और पक्षपात के आरोप लगते थे। यह पूरी प्रक्रिया भारत सरकार के जीईएम (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।
इस नई पारदर्शी व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम प्रशासन ने ठेकेदारों और इच्छुक फर्मों के लिए नियम तय किए हैं। अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राठी के बताया कि जो भी व्यक्ति या फर्म इस बोली प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहती है, उसे तकनीकी रूप से पात्र होने के लिए दस्तावेज पहले जमा करने होंगे। बोली दाताओं को अपने पैन कार्ड, पहचान व निवास के प्रामाणिक दस्तावेज के तौर पर आधार कार्ड की छायाप्रति, जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किया गया चरित्र प्रमाण-पत्र और नगर निगम के राजस्व विभाग से लिया गया नो-ड्यूज सर्टिफिकेट से प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा, सुरक्षा के तौर पर जमानत धनराशि भी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद के रूप में नगर निगम के पक्ष में जमा करानी होगी। इन सभी जरूरी दस्तावेजों को आवेदकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर जीईएम पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों की टीम इन दस्तावेजों की सघन जांच और सत्यापन करेगी। जो आवेदक इस स्क्रूटनी में सही पाए जाएंगे, केवल उन्हें ही ई-नीलामी की मुख्य बोली में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एक बार प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्वीकृत किए गए ठेके की कुल अवधि अनुमोदन की तिथि से केवल एक वर्ष के लिए मान्य होगी। साथ ही, जो भी अंतिम ठेका राशि तय होगी, उस पर 18 प्रतिशत की दर से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अलग से देय होगा।