बरेली। किसान बाबूराम की शिकायत पर गिरफ्तार चकबंदी लेखपाल हरीश के खिलाफ सुभाषनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। एंटी करप्शन कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया।
लेखपाल हरीश अपने उच्च अधिकारियों का बेहद खास था। फरीदपुर के गांव गजनेरा निवासी बाबूराम के मुताबिक वह अपने पिता मदनलाल की भूमि चक संख्या 773 नपवाने और चक संख्या 411 का संदर्भ बनाकर एक जगह एकत्र करने के लिए कई दिन से चकबंदी अधिकारी को पत्र दे रहे थे।
चकबंदी अधिकारी ने लेखपाल को बुलाकर उससे आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा। बावजूद रिश्वत न देने पर बाबूराम को चक्कर कटवाते रहे। परेशान होकर बाबूराम ने हरीश को पकड़वाने का फैसला कर लिया। उन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की।हरीश के साथ यदि अन्य अधिकारियों की इसमें मिलीभगत पाई गई तो उनका नाम भी मुकदमे में खोला जा सकता है।
रिश्वत की रकम दराज में रखते ही पकड़ गया चकबंदी लेखपाल
पैमाइश करने के बदले चकबंदी लेखपाल हरीश कुमार ने जैसे ही आठ हजार रुपये की रिश्वत लेकर दराज में रखी वैसे ही आम लोगों के बीच खड़े एंटी करप्शन के जवानों ने उसे दबोच लिया। हरीश के पास से 7100 रुपये अलग से मिले जिसके बारे में वह कुछ बता नहीं पाया। यह 7100 रुपये भी रिश्वत में लेने की आशंका है। एंटी करप्शन की गोपनीय जांच में भी हरीश की छवि भ्रष्ट लोकसेवक की मिली। ब्यूरो