दुधवा टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र इस बार तय तिथि से 15 दिन पहले शुरू हो रहा है। एक नवंबर को दुधवा के द्वार सैलानियों के लिए खुल जाएंगे, लेकिन यह सत्र आम पर्यटन सत्र से अलग होगा। कोविड-19 के चलते सैलानियों और पर्यटन से जुड़े कर्मचारियों को सुरक्षात्मक उपायों का कड़ाई से पालन करना होगा।
दुधवा का पर्यटन सत्र 15 नंबर से शुरू होता है लेकिन इस बार इसे 1 नवंबर से खोला जा रहा है। एक नवंबर को औपचारिक उद्घाटन के बाद सैलानी दुधवा के खूबसूरत प्राकृतिक सौंदर्य का नजारा देख सकेंगे। इस बार सैलानियों को कोरोना से संबंधी गाइड लाइन का पालन करना पड़ेगा।
इस पर्यटन सत्र में सैलानियों को भ्रमण कराने वाली जिप्सियों पर छह के बजाय चार सैलानी ही बैठ सकेंगे। गाइड और चालक भी साथ रहेंगे। दुधवा प्रवास और भ्रमण के दौरान मास्क लगाना होगा। गाइड और चालक भी ड्यूटी के समय मास्क लगाएंगे। बिना मास्क लगाए सैलानी पर 500 रुपये का जुर्माना किया जाएगा। इसके अलावा सैलानियों के पहुंचते ही गेस्ट हाउस और थारू हट को सैनिटाइज किया जाएगा। कैंटीन को भी दिन में कई बार सैनिटाइज किया जाएगा।
छोटे बच्चे और बुजुर्गों को नहीं मिलेगा प्रवेश
इस बार के पर्यटन सत्र में 10 साल से कम उम्र के बच्चों और 60 से अधिक उम्र के बुजुर्गों को दुधवा में प्रवेश नहीं मिलेगा।
सैलानी हाथी की सवारी से रहेंगे वंचित
इस बार फिलहाल सैलानियों को हाथी की सवारी उपलब्ध नहीं होगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि हाथी पर सवार होकर भ्रमण करने से सामाजिक दूरी का पालन करना संभव नहीं हो पाएगा।
सैलानियों की होगी थर्मल स्क्रीनिंग
दुधवा आने वाले सैलानियों की प्रवेश द्वार पर ही थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। सैलानियों से आग्रह किया है कि वे कोरोना पॉजिटिव है या इसके कोई लक्षण हैं तो भ्रमण के लिए न आएं।
दुधवा टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र एक नवंबर से शुरू हो रहा है। इस बार के पर्यटन सत्र में सैलानियों और पर्यटन से जुड़े कर्मचारियों को कोविड-19 से संबंधित सुरक्षात्मक गाइड लाइन का पालन करना होगा।
- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व