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हड़ताल से हाहाकार: बरेली समेत पूरे मंडल में वाहनों का चक्का जाम, लोग परेशान; चालकों ने किया नए कानून का विरोध

Mon, 01 Jan 2024 03:40 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

सड़क दुर्घटना पर नए कानून का विरोध तेज होता जा रहा है। दरअसल, सरकार ने सड़क हादसे पर बनाए नए कानून में चालक को 10 साल की सजा का प्रावधान किया है। वाहन चालक इसका विरोध कर रहे हैं। इसी के चलते सोमवार को बरेली मंडल में वाहन चालकों ने हड़ताल शुरू कर दी, जिससे रोडवेज बसों समेत निजी सवारी वाहनों का चक्का जाम हो गया, जिससे नए साल के पहले ही दिन लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। 
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पीलीभीत में नारेबाजी करते वाहन चालक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में वाहन चालकों की हड़ताल से नए साल के पहले दिन ही वाहनों के पहिए थम गए। इस दौरान लोगों को गंतव्य तक जाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। बिथरी थाना क्षेत्र में इनवर्टिस जीरो प्वाइंट पर एक चालक डीसीएम खड़ी करके चला गया, जिससे सड़क पर जाम लग गया। पुलिस ने वाहन को हटवाकर रास्ता खुलवाया। कुछ अन्य स्थानों पर भी जाम लगाया गया। 
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रोडवेज बस चालक भी हड़ताल हैं, जिससे बस अड्डे पर यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दिक्कतों को सामना करना पड़ा है। हड़ताल में ऑटो ई-रिक्शा चालक भी शामिल हो गए हैं। जिससे नए साल पर शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में लोगों के पसीने छूटते रहे। उधर, शाहजहांपुर में भी वाहन चालक हड़ताल पर चले गए हैं।

पीलीभीत में थमे वाहनों के पहिए 
पीलीभीत में रविवार रात 12 बजे से निजी व सरकारी सभी चालक हड़ताल पर चले गए। सुबह रोडवेज बस अड्डे से बसों को निकालकर चालकों ने बीएसए कार्यालय के बाहर सड़क, पेट्रोल पंप तक आड़ा तिरछा खड़ा कर दिया और विरोध प्रदर्शन किया।



चालकों का कहना था कि इस कानून से तो गाड़ी चलाना ही मुश्किल हो जाएगा। कोई भी जानबूझकर टक्कर नहीं मारता। इसके अलावा टाटा मैजिक, इको आदि डग्गामार गाड़ियां भी नहीं चलीं। इससे लोगों का आवागमन के लिए कोई वाहन नहीं मिल सका। लोग जहां थे वहीं फंसे रह गए। पूरनपुर, बीसलपुर आदि जगहों से लोग मुख्यालय तक नहीं आ सके।
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बदायूं में भी हड़ताल का असर
बदायूं जिले में भी वाहन चालकों ने हड़ताल शुरू कर दी। रोडवेज और निजी बसों के चालकों ने धरना प्रदर्शन किया। चालकों की हड़ताल से  यातायात व्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है। तमाम यात्रियों को दिक्कत हो रही है। उन्हें अपने गंतव्य को जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहे हैं। बस अड्डे पर लोग वाहनों की तलाश में इधर-उधर भटकते दिखे। उधर, ट्रेनों में अचानक दबाव बढ़ गया है। 

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