बुरी तरह जल गया शव
इससे ट्रक में लोड गर्डर आगे केबिन में घुस गए। इनमें से एक गर्डर ड्राइवर के शरीर को चीरता हुआ आगे निकल गया। शिबू केबिन में फंस गया। तभी इंजन से निकली चिंगारी से केबिन में आग लग गई। बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था और आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बाहर खड़े लोग व राहगीर कुछ नहीं कर सके। जब तक पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचती, तब तक शिबू की मौत हो चुकी थी। शव बुरी तरह झुलस चुका था, उसे किसी तरह खींचकर बाहर निकाला गया।
शिबू कुमार के परिवार से पुलिस ने संपर्क किया। परिजनों ने बताया कि वह परिवार का इकलौता कमाऊ शख्स था। काफी जिम्मेदार और मेहनती था। उसकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है। देवरनियां थाना प्रभारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि वाहन के मालिक से फोन पर बात हुई तो पता लगा कि ड्राइवर शिबू अकेला ही था। शायद वह लगातार ट्रक चलाने की वजह से नींद में था और ट्रक पर नियंत्रण नहीं रख सका।