बरेली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में नजर आ रही है। जिले के राजकीय स्कूलों में टाटा ड्रीम लैब प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतर सका है। इस लैब में दिसंबर से ही रोबोटिक्स और डिजाइन जैसे हाईटेक कोर्स शुरू करने की योजना थी, जो फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही है।
इस पहल का उद्देश्य डिग्री के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करना है। इसमें विद्यार्थियों को रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजाइनिंग कोर्स का ज्ञान दिया जाएंगा।
योजना को प्रभावी बनाने के लिए हब एंड स्पोक मॉडल तैयार किया गया था। इसके तहत शहर के राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को मुख्य हब (केंद्र) बनाया गया है।
इन केंद्रों से 20 किमी के दायरे में आने वाले तीन-तीन अन्य माध्यमिक स्कूलों को स्पोक के रूप में जोड़ा गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों तक भी आधुनिक तकनीक पहुंच सके। जीआईसी के प्रधानाचार्य ओम प्रकाश राय ने बताया कि यह योजना विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी। हाईटेक कोर्स करने के बाद विद्यार्थी बाजार की जरूरतों के हिसाब से सीधे रोजगार हासिल करने के योग्य बनेंगे।
हालांकि, दिसंबर तक प्रोजेक्ट शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से इसमें देरी हुई है। इसका लक्ष्य विद्यार्थियों को आधुनिक उद्योगों के लिए तैयार करना है। संवाद