डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमॉर्टम
शुरू में युवती के पिता व परिवार के लोग नाराज थे, लेकिन वह भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए। रात में ही डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम किया। प्रक्रिया की वीडियोग्राफ्री कराई गई। पता लगा कि युवती का चेहरा बिगाड़ने के लिए डॉक्टर ने कोई केमिकल (तेजाब) डाला था। तेजाब युवती के मुंह में चला गया। इससे उसकी आंतों और पेट में संक्रमण फैल गया। सिर में लगी चोटों से भी खून का थक्का बन गया। इसी से युवती के शरीर में संक्रमण फैला और उसकी मौत हो गई।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि डॉ. श्रीपाल से जब पुलिस ने शुरू में पूछताछ की तो उसने बीमारी का बहाना बनाया था। तब पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया था। यहां से शनिवार को डॉक्टरों ने उसके ठीक होने की रिपोर्ट दी तो उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से जेल भेजा गया है। उसके खिलाफ साक्ष्य दिखाए गए तो उसने हत्या की कोशिश की बात स्वीकार कर ली। अब उसके खिलाफ हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी।
परिजन बोले- आरोपी को फांसी की सजा मिले
बिल्सी की युवती की मौत के बाद बरेली आए परिजनों ने मांग की कि उनकी बेटी को इस हाल में पहुंचाने वाले श्रीपाल को कम से कम फांसी की सजा मिलनी चाहिए। पिता ने बताया कि श्रीपाल ने उनकी बेटी को परिवार के खिलाफ भड़काकर झूठे शपथपत्र बनवाए थे। इसलिए वह लोग भी बेटी से नाराज थे। बाद में उन्हें हकीकत का पता लगा कि श्रीपाल ही इस मनमुटाव की जड़ है।