बरेली में जनसुनवाई की शिकायतों के असंतोषजनक निस्तारण पर जिलाधिकारी ने सात अधिकारियों का वेतन रोक दिया है। अगस्त के फीडबैक की समीक्षा में इनके मामलों में शून्य संतुष्टि मिली थी।
बरेली में जनसुनवाई (आईजीआरएस) और हेल्पलाइन पर शिकायतों के निस्तारण से शिकायतकर्ताओं के असंतुष्ट होने पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। अगस्त में प्राप्त फीडबैक की समीक्षा में सात अधिकारियों के मामलों में संतुष्टि का प्रतिशत शून्य मिला। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्येक अधिकारी के संबंध में एक-एक फीडबैक मिला और सभी शिकायतकर्ताओं ने असंतोष जताया। इनमें अधीक्षण अभियंता बाढ़ कार्य मंडल, सिंचाई एवं जल संसाधन; जिला उपायुक्त मनरेगा; जिला क्षय रोग अधिकारी; पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुपालन, शेरगढ़; प्रभारी चिकित्साधिकारी/अधीक्षक, सीएचसी दमखोदा; प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट); और सब रजिस्ट्रार, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, फरीदपुर शामिल हैं।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अधिकारियों को शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण और तथ्यपरक निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में शिकायतकर्ताओं से असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और फीडबैक की नियमित समीक्षा जारी रहेगी।