बरेली। किला उपकेंद्र से जुड़े कुंवरपुर के वाशिंदों का धैर्य शनिवार रात जवाब दे गया। चार दिन से बार-बर बंच केबल जलने, हाई वोल्टेज के कारण उपकरण फुंकने से परेशान यहां के लोगों ने शनिवार रात दो बजे डीएम आवास का घेराव कर दिया। विद्युत निगम के खिलाफ नारेबाजी कर आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की। परेशान उपभोक्ताओं की डीएम से मुलाकात तो नहीं हो सकी, लेकिन रविवार सुबह होते-होते मोहल्ले में आपूर्ति चालू कर दी गई। इसके बाद सुबह 10 बजे बंच केबल जलने से फिर आपूर्ति ठप हो गई।
कुंवरपुर में बृहस्पतिवार से समस्या बनी हुई है। शुक्रवार को यहां हाई वोल्टेज के कारण तीन घरों के मीटर और कुछ घरों में बिजली उपकरण फुंक गए थे। इसके बाद शुक्रवार पूरी रात और शनिवार दोपहर तक आपूर्ति बाधित रही। शनिवार दोपहर बाद नया बंच केबल डालकर आपूर्ति चालू की गई, लेकिन कुछ ही घंटों में यह बंच केबल भी जल गया। भीषण गर्मी में जब रात दो तक आपूर्ति चालू नहीं हुई तो काफी संख्या में स्थानीय लोग डीएम आवास पहुंच गए। वहां घेराव कर नारेबाजी की।
रविवार सुबह पांच बजे बंच केबल जोड़कर आपूर्ति चालू कर दी गई पर सुबह 10 बजे फिर बंच केबल जल गया और आपूर्ति ठप हो गई। सूचना पर किला और चौपुला उपकेंद्र से जेई समेत अन्य कर्मचारी पहुंचे तो उपभोक्ताओं ने उनको भी घेर लिया। मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। शाम सात बजे नया बंच केबल डालने का काम शुरू हुआ। एसडीओ भगवान दास ने बताया कि बार-बार बंच केबल जलने से समस्या आ रही है।
घरों के आगे छज्जे, बंच केबल डालने का भी हुआ विरोध
कुंवरपुर में घनी बस्ती होने के कारण ज्यादातर घरों के छज्जे बाहर निकले हुए हैं। रविवार को विद्युत निगम के कर्मचारियों ने यहां काम शुरू किया तो कई लोग अपने घरों के छज्जों के पास से बंच केबल निकालने का विरोध करने लगे। उन्होंने काम रुकवा दिया। किला पुलिस मौके पर पहुंची और काम शुरू कराया। आसपास के अन्य इलाकों में भी ट्रिपिंग होती रही।
सुभाषनगर उपकेंद्र पर बार-बार हंगामा होने के बाद भी अन्य उपकेंद्रों ने सबक नहीं लिया। अब उपभोक्ताओं के गुस्से की आंच डीएम आवास तक पहुंचने लगी है।
किला उपकेंद्र के तहत आने वाले कुंवरपुर के 350 से ज्यादा उपभोक्ता किला और चाैपुला फीडरों के बीच पिस रहे हैं। किला उपकेंद्र ओवरलोड होने के कारण कुंवरपुर को मिशन उपकेंद्र के चौपुला फीडर से जोड़ दिया गया था। चौपुला फीडर भी ओवरलोड होने के कारण अभियंता इन उपभोक्ताओं को अपने फीडर पर लेने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में एक बार बिजली गुल होने पर उपभोक्ता कभी किला तो कभी चौपुला फीडर के अधिकारियों के चक्कर लगाते हैं।
बेहद घनी आबादी का इलाका होने के कारण कुंवरपुर में अक्सर फॉल्ट होते हैं। चूना भट्ठा के पास से लाइन काटने के बाद इसे चौपुला फीडर से जोड़ दिया गया था। एसडीई भगवानदास का कहना है कि लाइन लिखा-पढ़ी में चौपुला को दी गई है। इधर, चौपुला फीडर के जेई रीतेश का कहना है कि उनका उपकेंद्र पहले से ओवरलोड है। इतने सर्किट भी नहीं हैं जहां से आपूर्ति दी जा सके। अब नया सर्किट बनाया जा रहा है। वर्षों से यह लाइन किला उपकेंद्र से चल रही थी। दोनों उपकेंद्रों के अभियंताओं के बीच उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।
दो-दो दिन आपूर्ति ठप रहती है। कभी हाई तो कभी लो वोल्टेज रहता है। शिकायत के बाद भी समाधान नहीं होता। चार दिन से भीषण गर्मी में कटौती झेल रहे हैं। - सर्वेश गुप्ता
अंधाधुंध कटौती के कारण दिनचर्या प्रभावित हो रही है। पूरी-पूरी रात और पूरा-पूरा दिन बिजली गुल रहती है। शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं होता। - आदेश सैनी
बिजली कटौती के कारण सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को होती है। पानी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण मुश्किल और बढ़ जाती है। चार दिन से बुरा हाल है। - राधा रानी
बीमारी से जूझ रही हूं। बिजली कटौती ने समस्या को और भी बढ़ा दिया है। कई दिन से पूरी-पूरी रात बिजली गुल रहती है। इससे रात की नींद भी पूरी नहीं हो पाती। - मीरा देवी