चीनी बेचकर किसानों का भुगतान करने पर डीएम कोर्ट में तलब
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हाईकोर्ट ने केसर इंटरप्राइजेज शुगर मिल, बहेड़ी का चीनी का स्टॉक नीलाम कर किसानों का भुगतान करने के मामले में डीएम को दो करोड़ के चेक के साथ 23 मई को तलब किया है। बैंक के अधिवक्ता का कहना है कि प्रशासन ने रकम बैंक खाते में जमा करके हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। जबकि हाईकोर्ट ने नीलामी की रकम पहले बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया था।
यह अक्तूबर 2016 का मामला है। तत्कालीन डीएम ने गन्ना भुगतान को लेकर आंदोलन करने वाले किसानों के बकाया भुगतान के लिए मिल के गोदाम में रखी चीनी की नीलामी छह करोड़ रुपये में कर दी थी। जिसमें से चार करोड़ रुपये ही बैंक खाते में जमा कराए गए। बाकी दो करोड़ रुपये प्रशासन ने अपने खाते में जमा करने के बाद किसानों का भुगतान कर दिया था। जबकि इलाहाबाद बैंक का कहना था कि चीनी पर उनका हक है। मिल ने बैंक से ऋण ले रखा है। प्रशासन ने किसानों का चीनी पर पहला हक बताकर बैंक के दावे को खारिज कर दिया था। नए सिरे से इलाहाबाद बैंक की याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है। बैंक का कहना है कि चीनी मिल ने उनसे लोन लिया है मगर एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। प्रशासन ने चीनी की नीलामी करने के बाद किसानों का भुगतान कर दिया, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए था। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान भी यह कहा था कि यह याचिका के निस्तारण से पहले कोई भुगतान नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने बैंक के अधिवक्ता के आरोपों को गंभीरता से लेक र डीएम रकम के चेक के साथ हाजिर होने के आदेश दिए हैं। नियत तिथि पर न आने पर अदालत की अवमानना मानी जाएगी।
केसर इंटरप्राइजेज की चीनी नीलाम करके किसानों के भुगतान का मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। बुधवार को पूरे मामले को दिखवाते हैं-डॉ. पिंकी जोवल, डीएम
किसानों के आंदोलन करने पर प्रशासन ने दो करोड़ रुपये अपने खाते में लेकर उनका भुगतान कर दिया था। जब तक हाईकोर्ट के आदेश की किसी को जानकारी नहीं थी। गन्ना सोसायटी,बहेड़ी के खाते में अभी भी चीनी मिल के 26 करोड़ रुपये जमा हैं। इससे पहले भी अवमानना का नोटिस मिला था, बाद में ड्राप हो गया। एसडीएम साहब ने तो बैंक के अधिकारियों से लिखित में कोर्ट के आदेश के बारे में पूछकर तीन दिन इंतजार के बाद किसानों का भुगतान किया था। अभी उन्हें कोर्ट का कोई आदेश नहीं मिला है, फोन पर ही जानकारी मिली है। अधिवक्ता से पताकर अदालत के आदेश का सम्मान होगा-शरद मिश्रा, वाइस प्रेसीडेंट, केसर इंटरप्राइजेज चीनी मिल, बहेड़ी