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सड़कों की दुर्दशा पर डीएम ने पूछा, सड़कें खोद तो डालीं.. अब ये तो बता दो, ठीक कब तक करोगे

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खुदी पड़ी मालगोदाम रोड। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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जल निगम के अधिकारियों को हड़काया, पीडब्ल्यूडी से तलब की गड्ढे भरने की रिपोर्ट

बरेली। बारिश में हादसों को न्यौता दे रहे शहर की सड़कों के गड्ढों का मुद्दा बुधवार को डीएम की समीक्षा बैठक में छाया रहा। डीएम ने जल निगम के अधिकारियों से पूछा- सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गईं सड़कें आखिर कब तक ठीक होंगी। टालमटोल भरा जवाब देने पर अधिकारियों को हड़काते हुए डीएम ने खुदी पड़ी सड़कों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी के अफसरों से सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा।
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डीएम नितीश कुमार ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये विकास कार्यों की समीक्षा की। अफसरों ने डीएम को बताया कि जिले में तेजी से निर्माण कार्य पूर्ण किए जा रहे हैं। 42 किमी लंबे भिटौरा-शाही-शेरगढ़-बहेड़ी मार्ग का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। फरीदपुर-भुता किमी-9 पर बहगुल नदी पर मुख्य सेतु के दोनों ओर पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य हो चुका है। इसके अलावा बसावनपुर, मोहनपुर, मनौना में ग्राम पेयजल परियोजना, अवंतीबाई राजकीय महिला कॉलेज में एक क्लास रूम, लैब और टॉयलेट का निर्माण, मॉडल बालिका इंटर कॉलेज, पहाड़पुर और घाटगांव का निर्माण आदि पूरा होने की भी जानकारी दी गई।
इसी बीच डीएम ने पूछा कि सड़कें कब गड्ढा मुक्त होंगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के गड्ढे भरने के लिए उन्होंने अभी तक जो कुछ भी किया है, उसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत करें। इसके साथ ही जल निगम के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए डीएम ने पूछा- शहर की सड़कों को खोदकर क्यों छोड़ दिया गया है। उन्हें दुरुस्त क्यों नहीं किया गया। अधिकारियों ने टालमटोल की तो डीएम ने कहा कि बहानेबाजी नहीं चलेगी। खोदकर छोड़ी सड़कों को तुरंत ठीक कराएं।

कोरोना संक्रमण बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग को किया सजग

डीएम ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखत हुए सीएमओ से कहा कि वह शासन स्तर पर जितनी औपचारिकताएं पूरी करनी हैं, जल्दी कर लें लेकिन चिकित्सा व्यवस्था में कोई कमी नहीं होने दें। अस्पतालों में दवाएं होनी चाहिए और कोरोना मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगातार सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करें।
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