आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश में भी नहीं होता टस से मस, स्टील के ढांचे पर बना पंडाल
बरेली। मौसम के मिजाज को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम स्थल पर खासतौर से जर्मन हैंगर का पंडाल बनाया गया था, ताकि तेज हवाओं के साथ अगर बारिश भी हो जाए तो पंडाल जरा भी टस से मस न हो। इससे पहले जर्मन हैंगर का इस्तेमाल देवचरा में 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में पंडाल बनाने के लिए किया गया था।
कई दिनों से घने कोहरे के साथ तेज शीतलहर चलने से मौसम लगातार बिगड़ रहा था। बारिश होने की भी आशंका थी, इसी वजह से भाजपा नेताओं ने किसान सम्मेलन का पंडाल बनाने के लिए खासतौर पर कानपुर से दो जर्मन हैंगर मंगाए थे। इसे लगाने के लिए तकनीशियन भी कानपुर से आए थे। जानकारों के मुताबिक जर्मन हैंगर में स्टील के ढांचे पर पंडाल तैयार किया जाता है। यह पंडाल हवा और पानी से पूरी तरह सुरक्षित रहता है। जर्मन हैंगर के अलावा पंडाल में दूसरी आकर्षक चीज फूल थे। पूरे पंडाल को दिल्ली से मंगाए गए विदेशी फूलों से सजाया गया था। संवाद