बरेली। जब निर्णय राष्ट्रहित में लिए जाते हैं और सरकार केवल शासन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बनती है तो जनता भी उसका साथ भी देती है। बीते 12 वर्षों में बार-बार यह बात साबित भी हुई है। हमारी यह यात्रा निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर है। इसका बड़ा उदाहरण बरेली का नाथ काॅरिडोर है। इससे जिले की भव्यता बढ़ी है। ये बातें शनिवार को सर्किट हाउस में जिले के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने कहीं।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से इलाज करने में बरेली अव्वल रहा। आंवला में लीलौर झील का विकास, नवाबगंज में अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण, बहेड़ी में मेगा फूड पार्क, नवाबगंज में एंप्लाॅयमेंट जोन आदि विकास की कहानी बयां कर रहे है। सीबीएससी में बरेली की मानवी पटेल ने 96.66%, आईसीएससीई में रंजना पाराशर ने 99.60% अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। प्रभारी मंत्री ने सरकार की प्रमुख योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
आयुष्मान लाभार्थियों से पैसा लेने वालों पर होगी कार्रवाई
आयुष्मान लाभार्थियों से पैसा लिए जाने की जानकारी पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। बिजली व्यवस्था पर बोले- आंधी से काफी नुकसान हुआ है। इसके बाद भी तेजी से काम कराकर आपूर्ति सुचारु कर दी गई। सीएम ग्रिड योजना के सवाल पर कहा कि इससे शहर की तस्वीर बदल जाएगी। इसमें लापरवाही बरती जा रही है तो इसे दिखवाया जाएगा। राम मंदिर के चंदे से जुड़े गोलमाल पर कहा कि हकीकत जल्द पता चलेगी।
काॅकरोच पार्टी को बताया बरसाती मेंढक
प्रभारी मंत्री ने कॉकरोच पार्टी को बरसाती मेंढक बताया। कहा कि इनका कोई वजूद नहीं है। समय-समय पर ऐसे ही सामने आते रहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी पर की जा रही टिप्पणी को गलत बताया। बहेड़ी चीनी मिल की जमीन की नीलामी से जुड़े प्रकरण पर कहा कि अगर कोई ज्यादा बोली लगाने वाला है तो वह सामने आए। किसानों के साथ अन्याय नहीं होना दिया जाएगा। इस दौरान सांसद छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, जय पाल सिंह व्यस्त, महाराज सिंह, विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. डीसी वर्मा, डॉ. एमपी आर्य, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा, आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, मीडिया प्रभारी अंकित माहेश्वरी, बंटी ठाकुर, पूरण लाल लोधी, आदेश गंगवार, वीरपाल गंगवार आदि मौजूद रहे।
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रुहेलखंड और बुंदेलखंड में एम्स के लिए भेजा गया प्रस्ताव
सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने दी जानकारी
बरेली। सहकारिता राज्यमंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की उम्मीद जगाई है। सर्किट हाउस में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से रुहेलखंड और बुंदेलखंड में एम्स के निर्माण के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। जल्दी ही इस पर सकारात्मक फैसला होने की उम्मीद है।
एक साल पहले सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार के साथ ही भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र देकर एम्स की मांग उठाई थी। राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिख चुके हैं। नीति आयोग और केंद्र सरकार से भी इसके लिए पत्राचार किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया था कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को बेहतर करने के लिए रुहेलखंड में एम्स की स्थापना बेहद जरूरी है। क्षेत्र में कोई उच्चस्तरीय चिकित्सा संस्थान न होने से जटिल रोगों के इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है।
गरीब और मध्यम वर्ग के लोग आर्थिक दिक्कतों की वजह से इलाज भी नहीं करा पाते। सड़क दुर्घटना, हृदयाघात व अन्य आपातकालीन स्थितियों में समय पर इलाज नहीं मिल पाने से जान का जोखिम रहता है। एम्स की स्थापना से ही इन समस्याओं का समाधान हो सकता है। रुहेलखंड संभाग में बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर आदि जिले आते हैं। बड़ी संख्या में लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अक्सर दिल्ली, लखनऊ या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।