दावत के बाद शाम को वापस जाना चाहते थे रामरतन, ससुराल वालों ने रोक लिया
अलीगंज। गांव बिहारीपुर में ससुराल आए रामरतन की हत्या से गांव के लोग भी सन्न हैं। पुलिस जांच के सामने आया है कि रघुवीर और हत्यारोपी हरपाल, मुकुट, नन्हे, लाखन के बीच ज्यादा बनती नहीं थी। शराब पीकर अक्सर छोटे-मोटे विवाद होते रहते थे। गांव में किसी को यह अंदाजा भी नहीं था कि मामला हत्या तक पहुंच जाएगा।
रघुवीर ने बताया कि उनके बहनोई रामरतन हर साल श्राद्ध की दावत में ससुराल आते थे। रविवार को ही उनको कॉल करके बुधवार को आने के लिए कह दिया था। दावत के बाद शाम को उन्होंने घर लौटने की बात कही तो ससुराल वालों ने उनको रोक लिया। रघुवीर बैठक में सोता था। बुधवार रात दोनों को बैठक में सोना था। रात में रघुवीर खेत पर चले गए और बैठक में अकेले रामरतन बचे।
सीओ हेमंत कुमार का भी कहना है कि शायद हमलावरों को पता नहीं था कि रात में रघुवीर का साला रामरतन भी रुका है और बैठक में रघुवीर के तख्त पर ही सो रहा है। उन्होंने बताया कि गांव के कई लोगों के बयान लिए गए हैं। मामले के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।