शेरगढ़। जल जीवन मिशन के तहत बैरमनगर गांव में बने तीन करोड़ 97 लाख रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक के गिरने के बाद ग्रामीणों में रोष है। यह निर्माणाधीन टैंक किच्छा नदी के भूमि कटान की चपेट में आकर नदी में समा गई। एक्सईएन आकांक्षा सिंह ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
गांव पहुंचीं एक्सईएन ने ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी भी ली। इसी दौरान ग्रामीणों और प्रधान समर्थकों के बीच ओवरहेड टैंक के निर्माण स्थल और नदी के बीच की दूरी को लेकर नोकझोंक हुई। ग्रामीणों का कहना था कि प्रस्ताव के समय भी निर्माण स्थल नदी से महज 65-70 मीटर दूर था। वहीं, प्रधान व उनके समर्थकों ने दूरी अधिक होने का दावा किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि किच्छा नदी से हर वर्ष भूमि कटान होता है। इसके बावजूद अधिकारियों और जिम्मेदारों ने ऐसे स्थान का चयन किया, जहां कटान का खतरा पहले से था। उनका कहना है कि गांव में अन्य सुरक्षित स्थान उपलब्ध थे लेकिन यही चुना गया। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। संवाद
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मुरादाबाद से अधीक्षण अभियंता भारत भूषण आए थे। उनके साथ ओवरहेड टैंक वाले स्थान पर निरीक्षण के लिए गए थे। वहां कोई विवाद नहीं था। लोग अपना पक्ष रख रहे थे। - आकांक्षा सिंह, एक्सईएन