बरेली। जंक्शन के यार्ड में डिजिटल निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा। यह जिम्मेदारी रेलनेट को मिली है। यार्ड समेत प्लेटफॉर्म व अन्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए ब्लाइंड स्पॉट (ऐसे स्थान जो निगरानी में नहीं हैं) का सर्वे किया जा रहा है। फिलहाल, जंक्शन के सभी प्लेटफॉर्म पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन यार्ड, वाशिंग लाइन और आउटर समेत कई स्थान निगरानी से बाहर हैं।
बीते कुछ माह से ट्रेनों को पलटाने की कई साजिशें बेनकाब हो चुकी हैं। जंक्शन पर रोजाना औसतन 195 ट्रेनों का आवागमन होता है। नौ जोड़ी ट्रेनें जंक्शन से ही बनकर चलती हैं। बरेली जंक्शन के यार्ड की रिमॉडलिंग भी होनी है। इससे पहले यहां डिजिटल निगरानी तंत्र विकसित करने की कवायद शुरू की गई है। इस तंत्र के जरिये यार्ड और आउटर समेत चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सकेगी। संवाद