मौसम के गर्म तेवर के बीच सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में डायरिया की चपेट में आए बच्चों की कतार लगी रही। गंभीर हालत में आठ बच्चे भर्ती हुए। 30 बेड के वार्ड में एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र के मुताबिक, गर्म मौसम में काफी समय तक धूप में रहने और कम पानी पीने से बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। ओपीडी में सोमवार को इलाज के लिए दो सौ बच्चे पहुंचे। सभी में डायरिया ककै लक्षण थे। 40 बच्चे बुखार और सर्द-गर्म से पीड़ित थे। गंभीर हालत में पहुंचने वाले बच्चों को हर हाल में भर्ती करना है। बेड की संख्या सीमित है। पूर्व में भर्ती बच्चों के अभिभावकों की सहमति पर ही दूसरे बच्चे को इलाज दिया जा रहा है। जिन बच्चों की सेहत में सुधार हुआ, उन्हें डिस्चार्ज किया गया।
कूलर की हवा नाकाफी
वार्ड में जो बच्चे बुखार से पीड़ित हैं, उन्हें सीधे कूलर की हवा में नहीं रख सकते है। ऐसे में वार्ड में भर्ती दूसरे बच्चे, उनके परिजन और स्टाफ भी पंखे के भरोसे है। डॉक्टर के मुताबिक, वार्ड में एसी नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि प्रत्येक बीमार बच्चे की जरूरत अलग होती हैं।
ओपीडी में भी डायरिया, सांस रोगियों की कतार
फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक, गर्मी के चलते ज्यादातर मरीज उल्टी, दस्त, डायरिया, चक्कर आने की शिकायत लेकर पहुंचे थे। त्वचा रोग की ओपीडी में भी करीब डेढ़ सौ मरीज इलाज के लिए पहुंचे। तीन सौ बेड अस्पताल में भी आठ सौ मरीजों का इलाज हुआ।