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मौलाना तौकीर ने पूछा- हिंदू

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बरेली। हरिद्वार धर्म संसद की प्रतिक्रिया में आईएमसी (इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां की अपील पर शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हजारों मुसलमान इस्लामिया ग्राउंड पर इकट्ठे हुए। मौलाना तौकीर ने इस मौके पर हिंदुओं से सवाल किया कि वह बताएं कि उनसे मुसलमानों की लड़ाई कब थी। उन्होंने कहा कि मुसलमान देश की एकता और अखंडता के लिए जान देने को तैयार है।
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मौलाना तौकीर ने श्रीराम और श्रीकृष्ण का उल्लेख करते हुए कहा कि राम का युद्ध रावण से हुआ और कृष्ण का कंस से। तब मुसलमान कहां था और अब हमारी लड़ाई क्या है। हमें क्यों दुश्मन कहा जाता है, हम आपस में कब लड़े। उन्होंने कहा कि यह हिंदू भाइयों को ही तय करना है कि राम भक्त कौन है और रावण भक्त कौन। मुसलमान यहां लड़ने नहीं आए हैं बल्कि देश की एकता और अखंडता को बरकरार रखने के लिए जान देने आए हैं।
आईएमसी प्रमुख ने कहा कि जो लोग लड़ने की बात करते हैं, वे लड़ नहीं सकते। हिंदू हमारे ही भाई हैं, हम उनसे नहीं लड़ सकते। मौलाना ने कहा कि चीन हमारे देश में मीलों तक घुसा बैठा है। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही बल्कि अपने ही देश के मुसलमान भाइयों को मारने की बात की जा रही है। हमें हथियार दो, कोई दुश्मन हमारे मुल्क पर आंख उठाने की जुर्रत नहीं करेगा।
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मंच का संचालन पार्टी प्रवक्ता डॉ. नफीस खान ने किया। इस दौरान मंच पर शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, मौलाना एसानुल हक चतुर्वेदी, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, लखनऊ से आए डॉ. अफसार के साथ कानपुर और मकनपुर से आए सूफी संत भी मौजूद रहे।
प्रशासन ने दी थी तीन सौ की
अनुमति, इकट्ठे हुए हजारों
मौलाना तौकीर रजा खां को जिला प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के लिए सिर्फ तीन सौ लोगों को इस्लामिया ग्राउंड पर इकट्ठा करने की अनुमति दी थी, साथ ही कोविड गाइड लाइन का पालन करने की भी पाबंदी लगाई थी लेकिन इन दोनों शर्तों का पालन होता नहीं दिखा। इस्लामिया ग्राउंड पर हजारों की संख्या में लोग इकट्ठे हुए, मास्क और आपसी दूरी का भी ख्याल नहीं रखा गया।
देवबंदी, मदारियत और सूफी
सिलसिले के लोग भी पहुंचे
किसी मुद्दे पर लंबे अंतराल के बाद बरेलवियों के साथ देवबंदी, मदारियत और सूफी सिलसिले के लोग भी इस्लामिया ग्राउंड पर एक साथ दिखे। देवबंदी और मदारियत सिलसिले के लोगों की संख्या कम जरूर थी लेकिन सिलसिलों की आपसी खटास की वजह से आमतौर पर वे साथ नहीं दिखते।
बंद रहा पुराना शहर का बाजार
इस्लामिया ग्राउंड पर प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम इलाकों में बाजार भी बंद रखे गए। सैलानी समेत पुराना शहर के कई इलाकों में मुसलमानों ने अपनी दुकानें बंद रखकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
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