बरेली। मुहर्रम की बारह तारीख को शहीदाने कर्बला का सोयम मनाया गया। सुन्नी मुसलमानों ने नियाज नजर कर हजरत इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों को याद करते हुए खिराजे अकीदत पेश किया।
बाकरगंज स्थित कर्बला पर सुबह से ही लोग नियाज नजर के लिए पहुंचने लगे। मन्नत-ओ-मुराद मांग कर हार व फूल पेश किए। यहां तीन दिनों से चल रहे मेले का समापन ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने किया।
कुल शरीफ की रस्म के साथ मौलाना ने दुआ के बाद कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने अपनी शहादत पेश करके ये बता दिया कि हक बात हमेशा बुलंद रहती है। ईदगाह कर्बला कमेटी के हाफिज अब्दुल वाहिद, महताब अली, सैयद हबीब अहमद, खलील अहमद आदि ने नगर निगम, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, और पुलिस व प्रशासन का शुक्रिया भी अदा किया।
कराई गई निशान शरीफ की जियारत
बरेली। मलूकपुर स्थित इमामबाड़ा फतेह निशान में सोयम पर सुबह से ही अकीदतमंदों का तांता लगा रहा। लोग नियाज कर मन्नतों मुराद मांगते रहे। शाम को निशान शरीफ की जियारत कराई गई। खानकाह नियाजिया के सज्जादानशीन अल्हाज शाह मेहंदी मियां नियाजी सहित तमाम खानवादे भी पहुंचे। संवाद
सोयम पर शिया कर्बला में किया चिरागां
बरेली। बारहवीं मुहर्रम को हजरत इमाम हुसैन सहित कर्बला के बहत्तर शहीदों का सोयम मनाया गया। शिया समुदाय के लोगों ने स्वाले नगर स्थित कर्बला पहुंचकर तुर्बत पर चिरागां-बत्ती की और नौहाख्वानी व सोजख्वानी के माध्यम से शहीद-ए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन और उनके वफादार साथियों को खिराजे अकीदत पेश किया।
अजादारों ने कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए उनके बताए हुए सत्य, इंसाफ और इंसानियत के रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। इस मौके पर जमन अब्बास, अस्करी अब्बास, इमरान नकवी, शुजा रिजवी, बिलाल आदि मौजूद रहे।
इस सिलसिले में अली कॉलोनी लीची बाग में फहीम हैदर शबाब की ओर से मातम हुआ। मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि इमामबाड़ा मरहूम डॉ. कैयद यावर हुसैन रिजवी में सोमवार 29 जून से कदीमी दस दिनी रात्री अशरा-ए-मजलिस का आगाज हो रहा है।