बरेली। बारिश, धूप और उमस की वजह से बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है। लिहाजा, जरा सी बेपरवाही से लोग डर्मेटाइटिस यानी फोड़े-फुंसी समेत त्वचा रोगों के चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल बीमारियों से ज्यादा लोग त्वचा रोग से पीड़ित रहे।
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक, मानसून के दौरान ज्यादा देर तक भीगने, उमस में पसीने की वजह से त्वचा पर बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। ज्यादा देर तक त्वचा गीली रहने पर एलर्जिक रिएक्शन होते हैं। फंगल इंफेक्शन होने लगता है। अनदेखी से एक्जिमा, रिंगवर्म, स्केबीज, एथलीट फुट, खुजली समेत शरीर पर चकत्ते, दाने निकलने लगते हैं। समय से इलाज न मिले तो सोरायसिस हो सकता है।
बताया कि अगर 48 घंटे में त्वचा रोग संबंधी सामान्य क्रीम, दवा से राहत न मिले तो विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें। अनदेखी से दानों में पस भरने से सड़न पैदा होने लगती है।
ओपीडी में करीब दो हजार मरीजों का हुआ इलाज
जिला अस्पताल और तीन सौ बेड अस्पताल के पर्चा काउंटर पर क्रमवार 13 सौ और सात सौ नए पर्चे बने। पांच सौ से ज्यादा मरीज पुराना पर्चा लेकर परामर्श के लिए पहुंचे। फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक, ओपीडी में बुखार के मरीज बढ़े हैं। जोड़ों में दर्द और तेज सिर दर्द के भी कई मरीज आ रहे हैं।
बारिश के चलते शिविर में कम पहुंचे दिव्यांग
सोमवार सुबह बारिश के बाद सीएमओ कार्यालय में आयोजित शिविर में दिव्यांगों की संख्या जारी स्लॉट के सापेक्ष 50 फीसदी रही। दोपहर एक बजे तक 22 दिव्यांगों की ही जांच हुई।
इन बातों का रखें ध्यान
- फंगल इंफेक्शन होने पर खुद से दवाएं न लें।
- बारिश में भीगने पर एंटीसेप्टिक साॅल्यूशन मिले साफ पानी से नहाएं।
- टाइट और गीले कपड़े के बजाय सूती और ढीले कपड़े पहनें। जूते ज्यादा देर न पहनें।
- तला-भुना खाने से बचें। बाजार में खुले, कटे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- पालतू जानवरों से दूरी रखें। स्वच्छता का ध्यान दें।