Deposits made before the election of the Mayor and MLA Kent outstanding tax
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
चुनाव लड़ने के लिए सरकारी बकाया चुकाना जरूरी है, इसी को ध्यान में रखते हुए मेयर और कैंट विधायक डॉ. अरुण कुमार के साथ करीब 65 लोगाें ने नगर निगम में अपना बकाया टैक्स चुकाकर नो ड्यूज का सर्टिफिकेट लिया है। शुक्रवार को नामांकन की अंतिम तिथि को ध्यान में रखते हुए इससे एक दिन पहले ही प्रमुख लोगों ने अपना बकाया चुका दिया।
एक दो नेताओं को छोड़ दें तो कुछ नेता अगर चुनाव नहीं लड़ते तो शायद नगर निगम का बकाया भी नहीं चुकाते। हाउस टैक्स के साथ वाटर और सीवर टैक्स दबाए बैठे नेताओं ने नामांकन से एक दिन पहले अपना पूरा बकाया चुका दिया। इसमें मेयर डॉ. आईएस तोमर भी शामिल हैं। इनका करीब डेढ़ से दो लाख रुपए बकाया था। टैक्स जमा करने वाले करीब 65 लोगों ने 15 लाख रुपए नगर निगम के खाते में जमा किए हैं। नगर निगम के शहर में 45 हजार करदाताआें पर 15 करोड़ रुपए से अधिक का टैक्स बकाया है। कई करदाता तो बड़े व्यापारी हैं लेकिन टैक्स नहीं जमा करते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले इन बकाएदाराें में शामिल नेताओं ने अपना टैक्स जमा करा दिया। इसमें सपा विधायक अताउर रहमान और कैंट से कांग्रेस प्रत्याशी नवाब मुजाहिद हसन समेत कई अन्य प्रमुख लोग भी शामिल हैं। नगर निगम टैक्स विभाग के अधिकारियाें ने बताया कि अधिकतर नेता हमेशा टाइम टू टाइम टैक्स दे देते हैं। यह बकाया भी एक साल का था जो उन्होंने मार्च से पहले ही जमा कर दिया।
नया है नियम
चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक अगर नामांकन कराने वाले प्रत्याशियों के ऊपर किसी प्रकार का कोई सरकारी बकाया होगा तो वह चुनाव नहीं लड़ सकता है। यह व्यवस्था इसी साल से लागू की गई है, इसलिए आनन फानन में लोगाें ने अपना टैक्स जमा कराया है।
करीब 65 लोग ऐसे हैं जिन्होंने टैक्स जमा करके नो ड्यूज सर्टिफिकेट लिया है। इससे करीब 15 से 16 लाख रुपए का राजस्व निगम के खाते में जमा हुआ है।
आरके सोनकर, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी