बिना मानचित्र के बसाई जा रही थीं कॉलोनियां
इसी गांव में प्राथमिक विद्यालय के पीछे सड़क निर्माण और बाउंड्रीवाॅल का निर्माण चल रहा था। यहां कॉलोनी बसाई जा रही थी, मगर मानचित्र पास नहीं था। सभी को ध्वस्त कर दिया गया और चेतावनी दी गई है कि दोबारा ऐसा किया तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता हरीश चौधरी, अवर अभियंता सुनील गुप्ता, रमन अग्रवाल मौजूद रहे।
बीडीए उपाध्यक्ष ने लोगों से अपील की है कि प्लॉट खरीदते समय कॉलोनाइजर से दस्तावेज जरूर ले लें। मानचित्र पास है या नहीं, मानचित्र पास नहीं है तो ऐसी जगह प्लॉट न खरीदें। अवैध जगहों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अवैध कॉलोनियों पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
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इससे पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
तीन फरवरी को बदायूं रोड के किनारे अवैध रूप से बसाई जा रही अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई हुई थी। चार जनवरी को महानगर कॉलोनी के निकट अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई हुई थी। सिमरा अजूबा बेगम, फरीदापुर इनायत खां और उड़ला जागीर में बगैर साइट प्लान और नक्शा स्वीकृत कराए बिना कॉलोनियों बसाई जा रही थीं। यहां अवैध निर्माण को ढहा दिया गया था।
रामगंगा सेक्टर आवसीय योजना के पास गांव चंद्रपुर बिचपुरी में लगभग 40 बीघा जमीन पर अवैध कॉलोनी का निर्माण हो रहा था। मानचित्र न दिखा पाने पर यहां 18 दिसंबर को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी। 12 दिसंबर को भोजीपुरा इलाके में 106 बीघा में बसाई जा रही आठ अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की गई थी।