सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला अंबिकापुरी निवासी चार्वाक कश्यप शाहजहांपुर में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्नी हिमानी कश्यप भी वकील हैं। चार्वाक ने हिमानी को प्रसव पीड़ा होने पर 28 जनवरी को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन से प्रसव कराने के बाद टांके लगा दिए।
अस्पताल से छुट्टी होने पर चार्वाक पत्नी और बच्चे को घर ले गए। 18 दिन बाद मंगलवार देर शाम हिमानी की अचानक हालत बिगड़ गई। परिवार के लोग उन्हें तुरंत महिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां अल्ट्रासाउंड करने पर पता चला कि ऑपरेशन के दौरान कपड़ा और दस्ताने पेट में ही छूट गए हैं। इस पर परिवार के लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। बुधवार को पीड़ित परिवार ने कोतवाली में तहरीर देकर डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।
रक्तस्राव रोकने के लिए कभी-कभी कपड़ा लगाया जाता है। इसे दो-तीन दिन बाद निकलवाना पड़ता है। अगर डॉक्टर ने कपड़ा निकलवाने की बात महिला के घरवालों को नहीं बताई तो यह गलत है। जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. इंदुकांत वर्मा, सीएमएस जिला महिला अस्पताल