आला हजरत परिवार के बुजुर्ग मौलाना मन्नान रजा खां उर्फ मन्नानी मियां के बेटे मौलाना इमनान रजा खां उर्फ समनानी मियां को दिल्ली पुलिस ने करीब 12 घंटे बाद रिहा कर दिया है। उन्हें शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे दिल्ली की जामा मस्जिद से हिरासत में लिया गया था।
मौलाना समनानी मियां ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि वह मुफ्ती सलमान अजहरी के साथ दिल्ली गए थे। छह-सात लोग और भी साथ थे। जामा मस्जिद पहुंचने पर सभी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और थाने में ले गई। जहां उनसे पुलिस सहित चार-पांच एजेंसियों ने करीब 12 घंटे तक अलग-अलग पूछताछ की। इसके बाद रात लगभग ढाई बजे सभी को रिहा कर दिया। इस दौरान तमाम लोग थाने के बाहर एकत्र रहे।
उन्होंने कहा कि जितने भी पैगंबर सभी पवित्र पदवी के हैं। हम लोग पैगंबर मोहम्मद के पैरोकार हैं। उनके ऊपर ईमान लाए हैं इसलिए नबी करीम की पदवी को सबसे ऊपर मानते हैं। ये जो गुस्ताखियां हो रही हैं, बहुत आम हो गईं हैं। यह तो जुल्म है। इसके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं हो रही है और न ही कानून बनाया जा रहा है। ऐसे तो मुल्क का पूरा माहौल ही खराब हो जाएगा।
बता दें कि पैगंबर मोहम्मद साहब पर भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की टिप्पणी का समर्थन करते हुए यति नरसिम्हानंद सरस्वती ने एलान किया था कि वह 17 जून को दिल्ली की जामा मस्जिद जाएंगे और वहां कुरान के अलावा अन्य इस्लामी किताबों के हवाले से नूपुर शर्मा के बयान को सही साबित करेंगे।
इस पर आलिम मुफ्ती सलमान अजहरी ने उन्हें खुली बहस की चुनौती दी थी। इसीलिए मुफ्ती अजहरी शुक्रवार को जामा मस्जिद पहुंचे थे। उनके साथ समनानी मियां सहित और भी लोग थे। मुफ्ती अजहरी जामा मस्जिद में तकरीर कर रहे थे, तभी दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था।