शहामतगंज फ्लाईओवर को अपनी बड़ी उपलब्धि मानकर मेयर चुनाव लड़े डॉ. आईएस तोमर तो हार गए, मगर जाते जाते शहरवासियों को बड़ा उपहार दे गए। फ्लाईओवर के स्लैब जोड़ने का काम 30 नवंबर को पूरा कर लिया गया है, अब उस पर वाहन दौड़ाने की तैयारी की जा रही है। डॉ. तोमर की मंशा मेयर बनते ही शहामतगंज फ्लाईओवर पर वाहनों को दौड़ाकर शहर को अपनी जीत का तोहफा देने की थी, मगर यह सौभाग्य अब नए मेयर उमेश गौतम को मिलेगा। नए मेयर चाहेंगे तो इसी महीने शहरवासी फ्लाईओवर कर फर्राटा भर सकेंगे।
शहर का सबसे लंबा शहामतगंज फ्लाईओवर करीब 13 माह पहले बनना शुरू हुआ था, जो अब लगभग पूरी तरह तैयार है। सभी स्लैब पूरे हो गए हैं। अब सिर्फ सात स्थानों पर ज्वाइंट जोड़े जाने हैं और साइड की सुरक्षा दीवारें कुछ स्थानों पर बनना रह गई हैं। पुल पर तारकोल से सड़क बनाया जाना है। करीब दो सप्ताह का काम शेष बचा है। डॉ. तोमर ने यह सब कैलकुलेट कर 24 दिसंबर तक सभी फिनिशिंग कार्य पूरा होने की बात कही थी। सेतु निगम इंजीनियर भी 30 दिसंबर से पहले ही प्रोजेक्ट पूरा करना चाहते हैं, अब परिस्थितियां बदल गई हैं। डॉ. तोमर ने तीन-चार दिन पहले ही निर्माण कार्य की समीक्षा की थी। उन्हें ऐसी उम्मीद नहीं थी कि विकास कार्यों के बदले पराजय मिलेगी। यह कसक उनके मन में बातचीत के दौरान दिखी।
शहामतगंज फ्लाईओवर प्रोजेक्ट:
लंबाई 1004 मीटर
लागत 30.93 करोड़ रुपये
संशोधित लागत 40.24 करोड़ रुपये
प्रोेजेक्ट सीमा मार्च 2018
ट्रैफिक दौड़ानेे
का लक्ष्य दिसंबर 2017
वर्जन:
‘शहामतगंज फ्लाईओवर प्रोजेक्ट फिनिशिंग के दौर में है। पुल पर सभी छतें पूरी हो गईं हैं। हॉटमिक्स सड़क और पुल के दोनों किनाराें पर रोड निर्माण तथा आयरन जाली से व्यूकटर लगना बाकी हैं। यह सभी काम दो सप्ताह में पूरे कर लिए जाएंगे।’
- एसके गर्ग, परियोजना प्रबंधक