एसडीएम नवाबगंज पर हमला प्रकरण के बाद मतगणना स्थल पर रिटर्निंग ऑफिसर के एजेंट द्वारा बनाई गई वीडियो फुटेज को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मामले की निगरानी खुद आलाधिकारी कर रहे हैं। एसडीएम राजेश कुमार की तहरीर पर नवाबगंज पुलिस ने शुक्रवार रात को ही जानलेवा हमला, जान से मारने की धमकी, गाली-गलौच सहित एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
नवाबगंज इंस्पेक्टर रामनरेश चौधरी के मुताबिक, मतगणना के वक्त नियमानुसार जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर वहां नहीं आ सकते थे। नारेबाजी के साथ जबरन अंदर घुस आना ही नियमों का उल्लंघन है। एसडीएम की एफआईआर के मुताबिक, नीरेंद्र सिंह राठौर ने तरफदारी नहीं करने पर धमकाया था। कहा कि एसडीएम का दिमाग खराब है। इसको जान से मार दो। आरोप है कि इसके बाद एसडीएम के साथ मारपीट करते हुए गला दबाने का प्रयास हुआ। एसडीएम को पुलिस ने सुरक्षा घेरे में लेकर बमुश्किल बाहर निकाला। एसडीएम गिरने से बचे। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह और एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया था। देर रात एसडीएम राजेश कुमार ने नवाबगंज थाने में तहरीर सौंपकर भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, भाजपा प्रत्याशी प्रेमलता राठौर के पति नीरेंद्र सिंह राठौर सहित 25 अज्ञात के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। वादी खुद एसडीएम है। बताया जा रहा है कि आरओ की बनाई वीडियो फुुटेज सहित दर्जनों गवाह हैं। ऐसे में जिलाध्यक्ष के लिए यह मामला गले की फांस बनता लगा रहा है।