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दीपमाला अस्पताल में भर्ती मरीज को स्वाइन फ्लू

Tue, 09 Feb 2016 01:26 AM IST
बरेली
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बरेली। स्वाइन फ्लू ने शहर में दस्तक दे दी है। दीपमाला अस्पताल में भर्ती फरीदपुर की 23 वर्षीय महिला की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया है। मिशन अस्पताल में संदिग्ध स्वाइन फ्लू से महिला की मौत के बाद यह दूसरा मामला सामने आया है।
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फरीदपुर की 23 वर्षीय कविता (परिवर्तित नाम) को बुखार, सीने में दर्द और खांसी के बाद 21 जनवरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां छह दिन तक इलाज चलने के बाद सेहत में सुधार नहीं हुआ तो भोजीपुरा स्थित मेडिकल कालेज ले जाया गया। 29 जनवरी को डॉक्टरों ने जिला अस्पताल को बताया कि मरीज को स्वाइन फ्लू की आशंका है। 31 जनवरी को आयी जांच रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई। शनिवार को कविता के परिजन मेडिकल कालेज से निकालकर दीपमाला अस्पताल लाए। यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेमी फ्लू दवा कविता को दी जा रही है।

जिला अस्पताल ने नहीं दिया था ध्यान
जिला अस्पताल में मरीजों के साथ लापरवाही बरतने का यह ताजा मामला है। एच1 एन 1 फ्लू की मरीज कविता को 21 जनवरी में जिला अस्पताल लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने न तो बीमारी के लक्षण पहचाने और न इंटीग्रेटेड सर्विलांस डिसीज प्रोग्राम की टीम को सूचना दी। मरीज की हालत बिगड़ी तो उसे मेडिकल कालेज 29 जनवरी को ले जाया गया। डॉक्टराें ने मरीज के लक्षण संदिग्ध पाए तो आईडीएससी टीम को सूचना दी और नमूने लेने को कहा। 31 जनवरी को जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई।
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वर्जन--
मरीज को टेमी फ्लू दी जा रही है। डॉक्टरों की टीम उस पर नजर रखे हुए है।
- डॉ. विजय यादव, सीएमओ

स्वाइन फ्लू से पीड़ित महिला की हालत गंभीर है। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है।
-डॉ. सोमेश, दीपमाला अस्पताल

डीजी से क्यों छिपाया सीएमओ साहब!
स्वाइन फ्लू के मामले छिपाने में स्वास्थ्य विभाग अभी भी बाज नहीं आ रहा है। पिछले दिनों दौरे पर आए डीजी हेल्थ डॉ. सुनील श्रीवास्तव के सामने मिशन अस्पताल में हुई संदिग्ध स्वाइन फ्लू मरीज का मामला उठा तो उस समय सीएमओ ने कोई जानकारी डीजी हेल्थ को नहीं दी। जबकि दीपमाला में भर्ती महिला की रिपोर्ट 30 जनवरी को ही आ चुकी थी।



डायबिटीज पीड़ित और गर्भवती रहें सतर्क
जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है वे सतर्क रहें। जैसे बच्चे, बूढ़े, डायबिटीज पीड़ित, एचआईवी रोगी, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस के मरीज, नशे के आदी, कुपोषित, खून की कमी वाले और गर्भवती महिलाएं इसकी चपेट में जल्दी आती हैं। इनको अस्पताल में भर्ती करना जरूरी हो जाता है। फ्लू वैक्सीन लगाकर इससे बच सकते हैं।  

बीमारी के लक्षण
बुखार, खांसी, गले में तकलीफ, शरीर में दर्द, सिर दर्द, कंपकंपी, कमजोरी, दस्त, उल्टी हो तो सचेत हो जायें। दो से तीन दिन में मरीज की समस्या और बढ़ जाती है। कुछ रोगियाें में सांस की तकलीफ बढ़ती है और खांसी के साथ बलगम में खून आ सकता है।   

स्वाइन फ्लू कैसे फैलता है
स्वाइन फ्लू रोगी के संपर्क में आने पर बीमारी फैलती है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को छूने, हाथ मिलाने, छींकने, खांसने व बात करने से विषाणु नाक, कान, मुंह व सांस मार्ग से फे फड़े में प्रवेश कर जाते हें।   
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उपचार व बचाव  
आराम की बहुत जरूरत होती है
पानी की कमी न हो
फ्लू वैक्सीन सबसे अच्छा उपाय है
मास्क का प्रयोग करें
खांसते, छींकते समय रुमाल रखें
खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं
पीड़ित से दूरी बनाए
भीड़ भाड़ वाले इलाके में न जाएं
हाथ मिलाने व गले मिलने से बचें
बिना हाथ धोए अपने नाक, मुंह को न छुएं
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