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कच्ची दीवार गिरने से मलबे के नीचे दबकर एक की मौत, चार घायल

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उचौलिया। पसगवां कोतवाली क्षेत्र के गांव भिलावा में सोमवार की रात एक घर की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे के नीचे आंगन में सो रहे एक ही परिवार के पांच लोग दब गए। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां एक युवक को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। हादसा सोमवार की रात करीब 11 बजे हुआ। गांव भिलावा निवासी रघुवीर की पत्नी प्रेमवती (45), पुत्र प्रमोद (25), रामजी (14), पुत्री कुसुम (15), रिंकी (8) आंगन में चारपाई पर सो रहे थे। एक चारपाई पर प्रमोद और कुसुम लेटे थे, जबकि बाकी लोग दूसरी चारपाई पर सो रहे थे। प्रमोद की पत्नी सहोली कमरे में और रघुवीर घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रहे थे। रात करीब 11 बजे अचानक आंगन में खड़ी कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई, जिससे परिवार के सदस्य मलबे में दब गए। दीवार गिरने की आवाज सुनकर बाहर सो रहे रघुवीर और पड़ोसी आ गए। मलबे में दबे प्रमोद, कुसुम, राम जी, रिंका और प्रेमा देवी को बाहर निकाला। सूचना पर 108 एंबुलेंस और यूपी 100 पुलिस को दी गई। 40 मिनट बाद यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस के न आने पर पुलिस वापस लौट गई। एक घंटे बाद जब एंबुलेंस नहीं आई तो परिवार के लोग सभी को प्राइवेट वाहन से जिला अस्पताल शाहजहांपुर ले गए। अस्पताल में डॉक्टर ने प्रमोद को मृत घोषित कर दिया। तीनों घायल अस्पताल में भर्ती हैं। बेटे की मौत से बदहवास प्रमोद की मां प्रेमवती अस्पताल में भर्ती नहीं हुई। वह प्रमोद के शव के साथ गांव वापस आ गई। सुबह सूचना मिलने पर तहसीलदार विकास धर दुबे ने लेखपाल राज कुमार मौर्या को मौके पर भेजा। तहसीलदार ने बताया कि मृतक प्रमोद की मौत पर प्रशासन की ओर से पांच लाख रुपए सहायता राशि दी जाएगी।
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पन्नी और टिनशेड डाल कर रहता था रघुवीर
गांव भिलावा निवासी रघुवीर काफी गरीब है। घर में कोई पक्का कमरा नहीं है। सबसे आगे दीवार पर टिनशेड डालकर रहता है। बहू का कमरा बना है। उसके आगे छप्पर बीच में आंगन सबसे पीछे एक कच्चा कमरा बना है। इसमें टिन पड़ी है। प्रशासन बेघर लोगों को आवास देने के दावे करता है, लेकिन ग्राम प्रधान और प्रशासन की नजर रघुवीर के परिवार पर नहीं गई। प्रमोद को मिला शौचालय अधूरा पड़ा है। गड्ढा खुदा है। शौचालय की दीवारें खड़ी हैं, लेकिन सीट नहीं रखी गई। तहसीलदार विकासधर दुबे ने बताया कि फौरी तौर पर राहत सहायता देने के बाद इस पर विचार किया जाएगा

पांच साल पूर्व हुआ था प्रमोद का विवाह
प्रमोद का विवाह पांच साल पहले हुआ था। उसके कोई संतान नहीं है। सोमवार की रात हादसे के समय पत्नी सहोली कमरे में सो रही थी। प्रदीप मां और भाई बहनों के साथ आंगन में सो रहा था। वह घर का कमाऊ सदस्य था। उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है। प्रमोद की मौत के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी रघुवीर पर आ गई है।
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