बरेली। सेटेलाइट बस अड्डे के पास नाले में डूबकर हरदोई के तौहीद की मौत के बावजूद जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। शहर के कई पुलों पर सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण भी अक्सर हादसे होते रहते हैं। पुलों पर सीसी कैमरे भी नहीं लगे हैं। दोनों ओर की बाउंड्री महज डेढ़ मीटर ऊंची है। कई पुलों पर व्यू कटर भी नहीं लगे हैं और रेलिंग टूटी हुई हैं। कुल मिलाकर कहें तो हर कदम पर मौत मुंह बाए खड़ी है। चौपुला पुल का निर्माण 20 साल पहले हुआ था। इस पर अब तक व्यू कटर नहीं लगाए गए हैं। अक्सर चीनी मांझे की चपेट में आकर लोग घायल होते रहते हैं। सेटेलाइट पुल पर भी सुरक्षा के नाम पर सिर्फ डेढ़ मीटर की रेलिंग है। यहां भी व्यू कटर नहीं है। कुदेशिया पुल की रेलिंग भी कई स्थानों पर क्षतिगग्रस्त हो गई है।
आईवीआरआई के सामने से निकलने वाला वाई शेप पुल का एक छोर नैनीताल हाईवे और दूसरा शहर में इज्जतनगर स्टेशन के पास मिलता है। इस पुल पर भी व्यू कटर और सीसी कैमरे नहीं लगे हैं। पिछले साल इस पुल से बाइक सवार नीचे गिर चुका है।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन भगत सिंह ने बताया कि अटल सेतु, चौपुला और सेटेलाइट पुलों पर व्यू कटर लगवाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलों के दोनों ओर की रेलिंग मानक के अनुसार डेढ़ मीटर है। चौपुला पुल के 30 ज्वाइंट पर पांच-पांच इंच तक का गैप : चौपुला पुल की काफी समय से मरम्मत नहीं हुई है। पुल के 30 एक्सपेंशन ज्वाइंट पर पांच-पांच इंच तक का गैप आ गया है। पुल की मरम्मत के लिए बजट तीन माह पहले स्वीकृत हो चुका है, अब तक ज्वाइंट भरने का काम शुरू नहीं हुआ है।
इन दिनों बरेली सिटी स्टेशन से दूल्हे मियां की मजार तक रोड का निर्माण चल रहा है। इस कारण लोक निर्माण विभाग ने तीन माह का डायवर्जन लिया है। ऐसे में चौपुला और अटल सेतु पर वाहनों का दबाव भी ज्यादा है।