बरेली। बारादरी इलाके के काजी टोला चौराहे पर सोमवार सुबह कुछ लोगों ने परिवहन निगम में अफसर नाहिदा बेगम के ट्रांसपोर्टर बेटे को बेरहमी से मार डाला। उसकी आंखों में रेत झोंकने के बाद सिर पर वजनदार चीज मारी गई और फिर लगातार लाठी-डंडों से पीटा गया। चौराहे पर दिनदहाड़े यह दुस्साहस देखकर लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रबड़ी टोला निवासी नाहिदा बेगम उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में पुराना बस स्टैंड बरेली की स्टेशन इंचार्ज हैं। उनका 35 वर्षीय बेटा शहफुल इस्लाम उर्फ बिल्लू ट्रांसपोर्ट का काम करता था। उनके घर के सामने रहने वाले मकसूद आदि कबूतरों को उड़ाने के बाद उन्हें ईंट के टुकड़े मारते थे, जो शहफुल के घर में गिरते थे। सात महीने पहले इसी को लेकर झगड़ा हुआ था। बाद में लिखित समझौता हो गया था कि अब ऐसा नहीं होगा। बताया जा रहा है कि रविवार को फिर कबूतर उड़ाकर उन पर ईंट के टुकड़े फेंके गए जो शहफुल के घर में गिरे। शाम चार बजे शहफुल बारादरी थाने पहुंचा और मकसूद के खिलाफ शिकायत करते हुए जान का खतरा भी जताया। इस पर एसएसआई धीरज शुक्ला ने रात में ही दबिश दी, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस कार्रवाई की हिदायत देकर चली आई। सोमवार सुबह नाहिद ऑफिस चली गईं। कुछ देर बाद ही करीब साढ़े नौ बजे शहफुल घर से निकला तो मकसूद आदि ने काजी टोला चौराहे पर उसे दबोच लिया और आंखों में रेत झोंक दी। सभी ने जमीन पर गिराकर शहफुल के सिर पर वजनदार चीज मारने के साथ लाठी-डंडों से पिटाई की। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी भाग गए। परिवारवाले शहफुल को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बारे में सुनकर अस्पताल में काफी संख्या में लोग जमा हो गए। अस्पताल प्रशासन ने अनहोनी के डर से पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने शहफुल का शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। पोस्टमार्टम में मौत की वजह सिर में गहरी चोट लगना बताया गया है। इंस्पेक्टर मोहम्मद कासिम ने बताया कि नाहिदा की ओर से मकसूद और उसके तीन पुत्रों समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सट्टा किंग अहमद मियां का भी किया था विरोध
शहफुल मोहल्ले में गलत काम करने वालों का विरोध करने में काफी आगे था। बीते दिनों शहफुल ने इलाके के सट्टा किंग अहमद का भी विरोध किया था। इसके बाद अहमद और उसके साथियों ने मोहल्ले में फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। पुलिस ने अहमद मियां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
बड़ा भाई कर चुका है खुदकुशी
दो साल पहले शहफुल के बड़े भाई शादाब का उसके ससुरालियों से विवाद हो गया था। इसे लेकर उसने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।
चौराहे पर मच गई भगदड़
काजी टोला चौराहे पर दिनदहाड़े शहफुल की हत्या का नजारा देख भगदड़ मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अनहोनी की आशंका में सतर्कता बढ़ा दी गई।