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संक्रमण के खतरे के बीच बेटियों को कन्या पूजन के लिए भेजा

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नवदुर्गा देवी मंदिर के बाहर पूजा अर्चना करती एक श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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अधिकतर मंदिरों के बाहर ताले लटके रहे, बाहर लगी श्रद्धालुओं की भीड़

बरेली। कोरोना संकट के बीच सामाजिक दूरी के सरकार के निर्देशों को लोग नहीं मान रहे। गुरुवार को नवमी पर गलियों में लोगों ने अपनी छोटी-छोटी बच्चियों को कन्या पूजन के लिए कई घरों में भेज दिया। कन्या पूजन करने वाले भी कोरोना संक्रमण के प्रति बेपरवाह रहे। उधर, मंदिरों में ताला लटका होने पर लोग बाहर से ही दर्शन करते दिखाई दिए। उधर, शहर के अन्य इलाकों में भी लोग बेरोकटोक बाहर निकलते देखे गए।
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सिंधु नगर-
ईसाई की पुलिया से सिंधु नगर और शेख नवादा के पहले तक गलियों में नवमी की पूजा को लेकर चहल पहल देखी गई। कन्या पूजन के लिए भी छोटी बच्चियां समूह में जाती दिखीं। लोग इन बच्चियों को अपने घर आस्था से बुलाते और उनका पूजन करते। वहीं, मंदिरों पर ताले पड़े होने से लोग बाहर से ही दर्शन कर रहे थे। लेकिन मंदिरों के बाहर लोगों की भीड़ जमा थी। लोग सामाजिक दूरी का कोई ख्याल नहीं रख रहे थे।
शेख नवादा -
शेख नवादा में गलियों में पहले की तरह लोग गलियों में घूमते दिखे। कई लोग चबूतरों पर भी बैठे दिखे। इस दौरान गलियों के अंदर कई दुकानें हाफ शटर के साथ खुली रहीं। बीच- बीच में पुलिस की गाड़ी आने पर लोग गलियों में भागते और पुलिस के जाते ही वापस गलियों के चबूतरों पर आकर बैठते देखे गए।
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सैलानी-
सैलानी पर हालांकि गलियों में स्थिति थोड़ी बेहतर दिखी। यहां अब लोगों को लाकडाउन का मतलब समझ में आने लगा है। लोगों घर से कम ही बाहर निकल रहे थे। हालांकि इन इलाकों में राशन आदि की दुकानें और मेडिकल स्टोरी खुले थे। यहां पुलिस भी तैनात दिखी। एक पुलिस वाले ने यहां तक कह दिया कि लोग खुद नहीं मानेंगे तो स्थिति बदतर होती जाएगी। लोगों को खुद समझना होगा कि घर पर रहना उनके लिए ही फायदेमंद है।
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