वंशीनगला में राशन के लिए लाइन में लगे लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
कोरोना के खतरे को दरकिनार तक राशन की दुकानों पर लग रही जबरदस्त भीड़
बरेली। कोरोना के खतरे के बीच लोगों के बीच उचित दूरी तो दूर कोटे की दुकानों पर भीड़ धक्का-मुक्की और लड़ाई-झगड़ा तक हो रहा है। दूसरे दिन पुलिस कर्मी तैनात किए गए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा। सुभाषनगर, संजयनगर, बाकरगंज सहित कई इलाकों में कोटे की दुकानों पर सुबह छह बजे से ही भीड़ लग गई। बगैर मास्क और सैनिटाइजर के लोग संक्रमण के खतरे के बीच भीड़भाड़ लगाए दिखाई दिए।
सिकलापुर में कोटे की दुकान पर करीब डेढ़ सौ कार्डधारक लाइन लगाए थे। इसमें ज्यादातर महिलाएं थीं। राशन पाने के लिए मारामारी मची थी। पॉस मशीन धीमे चल रही थी, लेकिन सुबह से लाइन में लगे लोगों को दोपहर तक राशन नहीं मिला। भीड़ में धक्का-मुक्की के बीच कई बार औरतों के बीच मारपीट तक हो गई। मौजूद पुलिस कर्मी ने किसी तरह से मामला शांत कराया। बाकरगंज रेलवे फाटक के पास भी कोटे की दुकान के बाहर काफी भीड़ थी। यहां सुरक्षा घेरे बने थे लेकिन उसका कोई अनुपालन नहीं कर रहा था। ज्यादातर लोग मास्क नहीं लगाए थे। सैनिटाइजर की भी कोई व्यव्स्था नहीं थी। सुभाषनगर में भी कोटे की दुकान के बाहर भीड़ लगी हुई थी। संजय नगर, बाकरगंज सहित कई जगहों पर राशनकार्डधारकों ने शिकायत की है कि कोटेदार राशन की घटतौली करने से बाज नहीं आ रहा। संजयनगर के अंत्योदय कार्डधारक मीना देवी, ज्ञानदेवी सहित कई कार्डधारकों ने बताया कि उन्हें 35 के बजाय 33 या 34 किलो ही राशन दिया जा रहा है।
एक दिन पहले पर्ची जमा कराई, दूसरे दिन भी राशन नहीं मिला
लॉकडाउन में राहत देने के बजाय कई कोटेदार पब्लिक को परेशान करने में कमी नहीं छोड़ रहे। संजयनगर में जयप्रकाश कटियार के कोटे के बाहर लाइन लगाए कई लोगों ने बताया कि उनकी पर्चियां एक दिन पहले ही जमा कर दी गईं थी लेकिन दूसरे दिन दोपहर तक राशन नहीं मिल सका है। कुछ कार्डधारकों ने पर्चियां गायब होने की भी शिकायत की। कोटे की दुकान पर पुलिस कर्मी मौजूद थे लेकिन लोग बेतरतीब ढंग से भीड़ लगाए थे।
राशन की दुकानों पर सुबह छह बजे से ही लग रही भीड़
बरेली। गुरुवार को शेख नवादा स्थित राशन की दुकानों के सामने सुबह छह बजे से ही लोगों की भीड़ इकट्ठी हुई। न तो लोग मास्क लगाए थे और न ही एक दूसरे से उचित दूरी बनाए थे। एक उपभोक्ता राशिद ने बताया कि सुबह छह बजे से ही यहां खड़े हुए हैं। लोग एक दूसरे से आगे आकर राशन लेना चाह रहे हैं। धक्का मुक्की की स्थिति है। वहीं, ग्यारह बजते ही राशन की दुकान भी बंद की जा रही है। इतना रिस्क लेने के बाद भी उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। इसी राशन की दुकान पर कुछ औरतें जमीन पर बैठी मिली। पूछने पर बताया कि उनके परिवार के लोग आगे राशन ले रहे हैं। वह उनका ही इंतजार कर रही है। शेख नेवादा में ही एक जगह लोगों ने सामाजिक दूरी के लिए बनाए गए गोल घेरे में खड़े होने की बजाए जमीन में अपने बोरे और झोले आदि रख दिए थे।