भुता : दादी की गोद में सहमे बैठे बच्चे।
भुता (बरेली)। मटकापुर गांव में पति बंटू गंगवार से विवाद के बाद उसकी पत्नी जयंती ने दो वर्षीय बेटे बालकृष्ण और पांच महीने की दुधमुंही बेटी कोमल की गला दबाकर हत्या कर दी। जयंती ने पति को भी फरसा से वार कर घायल कर दिया। पुलिस ने पति की तहरीर पर जयंती के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। दोनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिए हैं।
पुलिस के मुताबिक बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे बंटू और जयंती के बीच शराब पीने को लेकर झगड़ा हुआ। विवाद बढ़ने पर जयंती ने बंटू को फरसा मारकर घायल कर दिया और फिर चार बच्चों में से बेटे बालकृष्ण और मासूम कोमल के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। इस पर बंटू भी बाहर से ताला डालकर गांव में ही अपने दूसरे घर में मां प्रेमवती के पास चला गया। साढ़े तीन साल की बेटी ममता को भी साथ ले गया। जबकि एक अन्य सबसे बड़ी बेटी पांच वर्षीय सुनीता अपनी बुआ के घर गई हुई थी।
शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे बंटू अपने पिता छेदालाल गंगवार, जयंती की रिश्ते की बहन दुलारो और पूर्व प्रधान रामचंद्र गंगवार के साथ घर पहुंचा। उन लोगों ने कमरे का दरवाजा खोला तो अंदर जयंती खिड़की के पास खड़ी थी। दोनों बच्चे बालकृष्ण और कोमल चारपाई पर मृत पड़े थे। इस पर वे लोग जयंती को दोबारा कमरे में बंद करके बाहर आ गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जयंती को हिरासत में लेकर जांच पड़ताल की तो दोनों बच्चों की गर्दन पर दबाने के निशान थे। पति बंटू की तहरीर पर उसके खिलाफ दोनों बच्चों की हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। परिजन का कहना है कि बंटू की बड़ी बेटी सुनीता को दिवाली पर उसकी बुआ लता अपने घर ले गई थीं। दूसरी बेटी ममता को बंटू अपने साथ मां के घर ले गया। इस वजह से वेे दोनों बच गईं वरना जयंती उन्हें भी मार देती।
पति से झगड़े के बाद जयंती नाम की महिला ने अपने दो बच्चों की गला दबाकर हत्या कर दी। पति की तहरीर पर महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। - राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात