फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ukraine Crisis : दानिश ने सुनाई दास्तान- आसान नहीं था मौत के बवंडर में फंसे अपनों को सुरक्षित लाना

Wed, 06 Apr 2022 02:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली के रहने वाले दानिश वारसी ने ऑपरेशन गंगा में निभाई अहम जिम्मेदारी।ऑपरेशन राहत, ऑपरेशन वंदे भारत में भी रहे थे शामिल।
विज्ञापन
Operation Ganga - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूक्रेन पर रूस के हमला करने के बाद भारतीय नागरिकों को ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत सुरक्षित वतन लाया गया। मगर, यह आसान नहीं था। मिसाइल और बमों के रूप में आसमान से बरस रही मौत के बीच से गुजरकर विद्यार्थियों, नागरिकों को तेजी से बाहर निकालने की चुनौती थी। ऐसे में सभी खतरों से सुरक्षित निकलने का प्रशिक्षण हासिल कर चुके केबिन क्रू के सदस्यों ने फुर्ती दिखाई तो भारतीय सुरक्षित वापस आ सके।

विज्ञापन


बरेली कोहाड़ापीर मंडी के पास रहने वाले दानिश वारसी एयर इंडिया में वरिष्ठ विमान परिचालक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि करीब 12 साल की सेवा के दौरान वह तीन ऑपरेशन में शामिल रहे हैं। साल 2015 में इराक से नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन राहत’, कोविड काल में अलग-अलग देशों से भारतीयों को वापस लाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन ‘वंदे भारत’ में भी शामिल रहे थे। फरवरी में यूक्रेन से भारतीयों को वापस लाने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन गंगा’ में उन्हें केबिन क्रू प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने अपने दायित्वों का सफल निर्वहन किया। 

दानिश वारसी ने बताया कि उनकी बहन नेहा खान भी यूक्रेन में फंसी थी। हमला शुरू होने के दो दिन बाद ऑपरेशन शुरू हुआ। एक बार में तीन सौ विद्यार्थी, नागरिकों को वापस लेकर आए थे। करीब चार बार हुई उड़ान में कुल 12 सौ लोगों को यूक्रेन से दिल्ली सुरक्षित लेकर आए। बताया कि एयरफोर्स के दो विमान उनके साथ चल रहे थे। जो कॉर्डन यानी किसी तरह के हमले से सुरक्षित कर रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें