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खतरा बरकरार: रामवाटिका में भी संक्रमण की चेन का अता-पता नहीं

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मढ़ीनाथ क्षेत्र को सैनिटाइज करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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ब्रह्मपुरा, हजियापुर और साहूकारा के संक्रमितों की भी नहीं मिली संक्रमण चेन

बरेली। पिछले दिनों शहर में मिले चार संक्रमितों की चेन तलाशने में नाकाम रहे सर्विलांस टीम के सामने अब रामवाटिका नई चुनौती है। यहां संक्रमित मिले व्यक्ति में संक्रमण कहां और कैसे हुआ, इसका फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जवाब नहीं है। हालांकि, दावा किया जा रहा है कि दो-तीन दिन में संक्रमण की चेन खोज ली जाएगी। मगर, करीब दो माह से चार संक्रमितों की चेन खोजने में जुटी सर्विलांस टीम इस नए मामले में संक्रमण की चेन खोजने में कामयाब होगी? इस सवाल के साथ ही शहर पर मंडरा रहा सामुदायिक संक्रमण का खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।
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सोमवार को आईवीआरआई से मिली रिपोर्ट में रामवाटिका का 54 वर्षीय हार्ट पेशेंट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। आईडीएसपी सेल के डीडीएम संजय कुमार ने बताया कि व्यक्ति में संक्रमण कहां और कैसे हुआ, इसकी जानकारी के लिए लगातार कॉल की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। बताया कि सर्विलांस टीम को संक्रमण की चेन खोजने का जिम्मा सौंपा गया है। दूसरी ओर, रामवाटिका रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव मनोज ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति सिविल कांट्रेक्टर हैं, जो पिछले कई दिनों से गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं और घर पर ही हैं। वह न तो कहीं बाहर गए हैं और न ही उनके घर कोई बाहर से आया है। ऐसे में वह संक्रमित कहां हुए इसे लेकर कॉलोनी में तमाम तरह की चर्चाएं हैं। साथ ही कॉलोनी के लोगों में भय का माहौल है।

पांचवा व्यक्ति, जिसमें संक्रमण की चेन का पता नहीं

27 अप्रैल को हजियापुर का एक युवक कोरोना संक्रमित मिला था। इसके बाद संक्रमित युवक के ब्रह्पमुरा में रहने वाले साढू के भाई और मां में भी संक्रमण मिला था, जबकि संक्रमित युवक अपने साढू के घर नहीं गया था। न ही उसके अन्य परिजनों में कोई संक्रमित मिला। इसके अलावा किला के साहूकारा में रहने वाले एक बुजुर्ग में भी संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसमें से साहूकारा के बुजुर्ग, हजियापुर के युवक दोनों ही गंभीर बीमारी से ग्रसित थे और इलाज के दौरान दोनों की मौत हो चुकी है। ब्रह्मपुरा के मां-बेटे भी स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। मगर, सर्विलांस टीम इनमें से किसी के भी संक्रमण की चेन नहीं खोज सकी है। बताया जाता है कि सर्विलांस टीम संक्रमितों से ही पूछताछ कर मिली जानकारी पर ही रिपोर्ट तैयार कर रही है।

शहर में दो, सीबीगंज में एक नया इलाका बना हॉटस्पॉट

स्वास्थ्य विभाग की ओर से देर शाम जारी रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को हॉटस्पॉट एरिया चकमहमूद, हजियापुर, मढीनाथ के शिवनगर, इज्जतगनर के छावनी अशरफ खां और एजाजनगर गौंटिया में 39 टीमों ने सघन सर्वे कर 11805 लोगों की जांच की। मगर कोई संदिग्ध संक्रमित नहीं मिला। दूसरी ओर, तीन सौ बेड के अस्पताल में दो टीमों ने 119 लोगों की स्क्रीनिंग की और 95 सैंपल लिए। सभी सैंपल को जांच के लिए मंगलवार सुबह आईवीआरआई भेजा जाएगा। बता दें कि रामवाटिका और सूफी टोला में दोनों ही संक्रमित मिले लोग अपने घर पर थे। ऐसे में इन दो इलाकों को भी हॉटस्पॉट बनाया जाएगा। साथ ही, मंगलवार से यहां भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्क्रीनिंग करेंगी। इधर, सीबीगंज के अटरिया गांव में दिल्ली से आए कोरोना संक्रमित के घर के आसपास के 250 मीटर इलाके को सीलकर हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है।

दो संक्रमितों ने दी कोरोना को मात, डिस्चार्ज

पिछले दिनों फरीदपुर में वापस आए दो प्रवासियों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसमें से एक ऊंचा गांव और दूसरा फरखपुर का रहने वाला था। दोनों बदायूं के उझानी कोविड-19 अस्तपाल में भर्ती थे। सोमवार को दोनों की क्रमिक दो जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर होम क्वारंटीन के लिए कह दिया गया है। दो नए संक्रमित मिलने और दो के डिस्चार्ज होने के बाद जिले में अब 35 एक्टिव केस हैं। 

एनईआर के अस्पताल में शिफ्ट हो रहे बिथरी कोविड अस्पताल के मरीज

बरेली। कोरोना संक्रमितों की बढ़ती जा रही तादाद को देखते हुए अब संक्रमितों को एनईआर के मंडलीय अस्पताल में शिफ्ट किए जाने के निर्देश अपर निदेशक स्वास्थ्य ने सीएमओ को दिए हैं। निर्देश मिलने के साथ ही सोमवार को बिथरी एल-1 कोविड अस्पताल को खाली कराए जाने की कवायद शुरू कर दी गई। मंगलवार तक अस्पताल में भर्ती सभी 30 संक्रमितों को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
कोरोना संक्रमितों की तादाद बढ़ने की आशंका के चलते पूर्व में ही स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली थी। शासन के आदेश पर पूर्वोत्तर रेलवे ने अपने मंडल अस्पताल में 65 बेड का एक आईसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया था। स्वास्थ्य विभाग ने अब इस अस्पताल में कोरोना के मरीजों को शिफ्ट करने का फैसला किया है। जिससे बिथरी में मौजूद एल-1 कोविड अस्पताल को खाली कराकर उसमें सैनेटाइजेशन से लेकर साफ सफाई कराई जा सके। संक्रमितों को भर्ती करने के लिए उसे फिर से दुरुस्त किया जाएगा। ताकि संक्रमितों की तादाद बढ़ने पर अस्पताल का फिर से उपयोग हो सके।

मानस स्थली में 80 बेड का बना आइसोलेशन वार्ड

फरीदपुर के मानसस्थली आवासीय विद्यालय को एल-1 कोविड अस्पताल बनाया गया है। इसमें 80 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। साथ ही, इलाज आदि की व्यवस्था भी सोमवार की देर शाम तक पूरी कर ली गई है। बिथरी कोविड-19 अस्पताल की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. आरएन गिरी को मानसस्थली के देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राकेश दुबे ने बताया कि कोरोना महामारी का संज्ञान लेते हुए सिम्पटोमैटिक और एसिम्प्टोमैटिक के आधार पर आइसोलेशन वार्ड बनाने का फैसला लिया गया है। बिथरी में बने एल-1 कोविड अस्पताल के सभी मरीजों को पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। वहीं, जरूरत पड़ने पर मानस स्थली में भी संक्रमितों का उपचार किया जाएगा।
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