गोल्ड ट्रेडिंग के बहाने डॉक्टर से की थी ठगी
एक डॉक्टर का मुकदमा भी प्रेमनगर थाने से ट्रांसफर होकर साइबर थाने आया है। उनसे 21.40 लाख रुपये ठगे हैं। उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया कि गोल्ड ट्रेडिंग करने पर उन्हें मोटा मुनाफा मिलेगा। उन्हें मुनाफा दिखाया भी गया। वॉलेट में जो रुपये बढ़ते दिखाए जाते रहे, उन्हें लेने के नाम पर इतनी रकम ठग ली गई।
विदेश में भारतीय डेबिट कार्ड और सिम ले जाकर हो रहा धंधा
पहले ठग भारतीय खातों में आई रकम को इंटरनेट के जरिये क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेशी खातों में डालते थे। फिर रकम निकाल लेते थे। अब हवाई यात्रा से ठग संबंधित डेबिट कार्ड विदेश ले जा रहे हैं। अधिकतर रकम दुबई से निकल रही है। भारतीय वीजा व मास्टर डेबिट कार्ड का प्रयोग कर वहां के एटीएम से निकासी कर हैं। भारतीय सिम भी विदेश ले जाकर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। दूसरे व्यक्ति का पासपोर्ट मिलने पर ही कार्रवाई हो पाती है, जिससे आरोपी साफ बच जाते हैं।
ऐसे इस्तेमाल हो रहे खाते
- नौकरी के नाम पर बेरोजगारों का सैलरी अकाउंट खुलवा रहे हैं ठग।
- विभिन्न योजनाओं व कार्रवाई में सत्यापन के नाम पर आधार व पैनकार्ड लेकर खुलवा देते हैं खाता।
- लोन देने के नाम पर भी खुलवा रहे लोगों का खाता।
- गरीबों व मजदूरों को मामूली रकम और बाद में बड़ी रकम का झांसा देकर भी खुलवाते हैं खाते।
(जैसा साइबर विशेषज्ञ इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया)
बरेली रेंज के आईजी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर, सरकारी योजनाओं के लाभ, पार्ट टाइम जॉब, शेयर मार्केट में आकर्षक निवेश का झांसा देकर ठगी की शिकायतें बढ़ी हैं। पुलिस कार्रवाई कर रही है पर सावधानी बेहतर विकल्प है। किसी को अपनी निजी जानकारी न दें।