अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव
बैंक के पूर्व कर्मचारी संजीव मेहरोत्रा ने बताया कि विशेष अंकों वाले नोटों को रखने और उन्हें ई-पोर्टल पर ऊंची कीमत पर बेचने से अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगागा। सरकार और आरबीआई को इसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना चाहिए। यह एक तरह से नोटों की कालाबाजारी है, जिसे ई-कॉमर्स साइटें बढ़ावा दे रहीं हैं।
एलडीएम वीके अरोरा ने बताया कि नए नोट सिर्फ करेंसी चेस्ट व बैंक से मिलते हैं। दुकान पर या ऑनलाइन अगर कोई नोटों की गड्डी बेचता है तो यह गैरकानूनी है। यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।