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चोरी करते हादसे का शिकार हुआ था जुल्फिकार

Fri, 02 Sep 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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इज्जतनगर इलाके के नगरिया कला गांव निवासी जुल्फिकार की मौत से बृहस्पतिवार को पुलिस ने पर्दा हटा दिया। उसकी हत्या नहीं की गई, बल्कि जुल्फिकार चोरी करते समय हादसे का शिकार हुआ था। शाहजहांपुर के कांट में ट्रांसफार्मर चुराते समय हुए धमाके में जुल्फिकार की मौत हो गई थी, और उसका एक साथी झुलसने से घायल हो गया था।
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मंगलवार 30 अगस्त को सुबह नगरिया कला के जुल्फिकार की लाश कत्था फैक्ट्री रेलवे फाटक के पास ट्रैक पर पड़ी मिली थी। सोमवार की शाम पड़ोस के गांव भूड़ा निवासी नन्हें का फोन आने पर जुल्फिकार शाहजहांपुर जाने को कहकर घर से निकला था। जुल्फिकार की लाश मिलने के बाद उसकी पत्नी मेहताब ने भूड़ा गांव नन्हें कबाड़ी, घंघोरा घंघोरी के शकील और कल्लू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे की तफ्तीश कर रहे इज्जतनगर प्रभारी निरीक्षक रामगोपाल शर्मा ने बताया कि जुल्फिकार, नन्हें, कल्लू और शकील एक ही गैंग के सदस्य हैं। चारो साथ में चोरी, लूट की वारदातें करते थे। 30 अगस्त को चारो शाहजहांपुर के कांट में ट्रांसफार्मर खोल रहे थे। तभी अचानक ट्रांसफार्मर में धमाका हो गया, जिसमें जुल्फिकार की मौत हो गई और कल्लू झुलस गया था। साथियों ने इसकी जानकारी जुल्फिकार की पत्नी को दी तो वह बिफर गई। नन्हें, कल्लू व शकील ने खुद को बचाने के लिए जुल्फिकार की लाश इज्जतनगर में ले जाकर कत्था फैक्ट्री के पास रेलवे ट्रैक पर फेंक दी और भाग गए। इस घटना की पूरी कहानी अस्पताल में भर्ती आरोपी कल्लू ने सुनाई।
ट्रैक पर मिले जूतों के निशान साथियों के थे
जुल्फिकार की लाश मिलने के दिन घटना स्थल पर स्लीपरों पर खून से सने जूतों के निशान पाए गए थे। इसका खुलासा अमर उजाला ने किया था। पुलिस के मुताबिक जूतों के निशान जुल्फिकार के साथियों के थे।
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