व्हाट्सएप पर पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती समेत सपा के शीर्ष नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना जिले के दो ग्राम विकास अधिकारियों को बेहद भारी पड़ गया। दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही जांच भी बैठा दी गई है। अगर जांच में दोनों दोषी पाए गए तो उन पर बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकती है। इस पोस्ट में दोनों में से एक ग्राम विकास अधिकारी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के अलावा सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव की शिकायत पर डीएम और सीडीओ के आदेश के बाद दोनों को सस्पेंड किया गया है।
व्हाट्सएप पर ग्राम विकास अधिकारियों का अपना ग्रुप बना हुआ है। इसी पर यह आपत्तिजनक टिप्पणी दो दिन पहले की गई थी। आरोप है कि भोजीपुरा ब्लाक में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी राजीव मिश्रा ने उसको पोस्ट किया और क्यारा ब्लाक में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी सूरजपाल सिंह ने उस पोस्ट पर ‘वेरी नाइस’ लिख दिया। किसी ने उस पोस्ट को सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव तक पहुंचा दिया। उन्होंने उसकी फोटोकापी के साथ इसकी शिकायत डीएम गौरव दयाल से करके दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। डीएम ने सीडीओ शिवसहाय अवस्थी को कार्रवाई के निर्देश दिए तो उनके आदेश पर जिला विकास अधिकारी रामरक्षपाल सिंह यादव ने पोस्ट करने वाले और पोस्ट को पसंद करने वाले, दोनों ही ग्राम विकास अधिकारियों को शनिवार को सस्पेंड कर दिया। इस मामले की जांच फतेहगंज पश्चिमी के खंड विकास अधिकारी रामायण सिंह को दी गई है। इनमें से एक ग्राम विकास अधिकारी सूरज पाल सिंह पिछले महीने ही बहाल हुए थे। उन पर शौचालयों का पैसा निकालने के बावजूद निर्माण न कराने का आरोप था। इस कार्रवाई से ग्राम विकास अधिकारियों में खलबली है।
कोट...
दोनों ग्राम विकास अधिकारियों ने राजनीतिक टिप्पणी करके कर्मचारी सेवा नियमावली का उल्लंघन किया है इसलिए इनको प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। जांच शुरू कराई है। इसमें दोनों को अपना पक्ष रखने का मौका भी मिलेगा। अगर वह जांच में दोषी पाए गए तो बर्खास्तगी की कार्रवाई भी संभव है।
-शिवसहाय अवस्थी, सीडीओ