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गोरक्षकों के चक्कर में थाने में बंधी गाएँ

Wed, 10 Aug 2016 01:21 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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जिले में गोकशी और पशु तस्करों पर पुलिस की मेहरबानी के चलते गोरक्षा के नाम लोग भी आक्रामक हो रहे हैं। मंगलवार को गो रक्षकों की अतिसक्रियता से माहौल बिगड़ते बिड़ते बचा।  किला इलाके में भाग रही दो गायों का पीछा करते उनके पालक पकड़ने एक बंद गली में पहुंचे तो इसे गोवध का प्रयास मान कर दूसरे समुदाय के लोग इक्ट्ठा हो गए। इधर शहर में गोकशी अफवाहें फैल गई।  गायों को थाने लाया गया। थाने में भाजपाइयों और शिवसैनिकों के पहुंचने के बाद विवाद बढ़ने लगा। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई पुलिस से सख्त तेवर दिखाए उसके गोरक्षा वाले शांत हुए। इस बखेड़े के फेर में दोनों गाएँ सात घंटे थाने में एक तरह से‘हिरासत’ में रहीं। सुबह करीब दस बजे दो गायें भागकर किला क्षेत्र के गढ़ैया मोहल्ले में नकवी साहब वाली गली में अनमोल रस्तोगी के घर के सामने जा पहुंची। पीछे से दो युवक गायों को पकड़ने पहुंचे। उन्हें देखकर गली के लोग इकट्ठे हो गए । युवक दूसरे समुदाय के हैं, जिससे उनके नाम और गायों को आजमनगर ले जाने की बात सुनकर गली के लोग भड़क गए। उन्होंने गायों को वध के लिए ले जाने का आरोप लगाया। माहौल बिगड़ता देख एक युवक तो भाग गया। जबकि दूसरे को युवक परवेज उर्फ  नाजिम को लोगों ने पकड़ लिया गया। गायों को वहीं बांध दिया गया बाद में उन्हें भी थाने ले जाया गया। शहर में गोवध की अफवाह उड़ी और मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर सराय चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और मोहल्ले वालों के साथ नाजिम को किला थाने ले जाया गया। कुछ देर बाद खन्नू मोहल्ले में रहने वाले डेरी मालिक जीनुस और उनका भाई यूनुस कई लोगों के साथ थाने पहुंचे, जिन्होंने गायों को अपनी बताया। उनके मुताबिक गायों को नाजिम और यूनुस टीका लगवाने के लिए आजमनगर के पास स्थित पशु चिकित्सालय ले जा रहे थे अचानक वे भागने लगी। उनकी बातों पर दूसरे पक्ष को यकीन नहीं हुआ दोनों तरफ से तू-तू मैं-मैं होने लगी। काफी देर हंगामा हुआ। एसएसआई अनिल सिरोही ने कहा कि  गायें जीनुस की पाई गईं तो उन्हें दे दी जाएंगी। गायें उनकी नहीं निकलीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस पर दोनों पक्ष राजी हो गए।  पार्षद जितेंद्र रस्तोगी तहरीर देने लगे। दूसरे पक्ष के लोग थाने के बाहर गेट पर खड़े थे।
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मामला लगभग शांत हो चुका था कि तभी कई भाजपाई व शिवसैनिक और दूसरी तरफ से भी कुछ और लोग पहुंच गए।  एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे, जिससे काफी देर हंगामा हुआ। भाजपाई व शिवसैनिक थाने में जाकर दफ्तर में घुसने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो धक्कामुक्की कर शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने धैर्य जवाब दे गया और सबक सिखाने के लिए डंडे उठा लिए। पुलिस का आक्रोश देख भाजपाई कुछ ही देर में थाने से निकल गए। दूसरे पक्ष के लोगों की गवाही पर भी लोगों के राजी न होने पर शाम पांच बजे तीसरे पक्ष को गायें सुपुर्दगी में दे दी गईं। 
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