एचसीपी त्रिलोक तिवारी हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया। पुलिस ने उनके पास से वह पिकअप भी बरामद किया है जिसे पशु तस्करों ने एचसीपी के ऊपर चढ़ा कर उनकी जान ले ली थी।
पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना ने मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में घटना का खुलासा करते हुए आरोपियों को मीडिया कर्मियों के सामने पेश किया। एसपी ने बताया कि सराय पोख्ता चौकी पर तैनात एचसीपी (हेड कांस्टेबिल पुलिस) त्रिलोक तिवारी गुरुवार की रात चौकी के तीन सिपाहियों के साथ बदलापुर पड़ाव पर गश्त पर थे।
भोर में करीब चार बजे बदलापुर की ओर से आ रही पशुओं से लदी पिकअप को रोकने की कोशिश की तो तस्करों ने गाड़ी उनके ऊपर चढ़ा दी थी। गंभीर रूप से घायल एचसीपी त्रिलोक तिवारी की वाराणसी के ट्रामा सेंटर में मौत हो गई थी। मामले में कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
घटना के शीघ्र खुलासे के लिए एसपी ने एसपी सिटी रामजी सिंह यादव और सीओ सिटी रामप्रसाद सिंह यादव के नेतृत्व में पांच टीमों का गठन किया था। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राम भरोसे कुशवाहा भंडारी रेलवे स्टेशन के पास मौजूद थे।
मुखबिर से सूचना मिली कि एचसीपी पर गाड़ी चढ़ाने वाले पशु तस्कर खेतासराय से चलकर राजा साहब तालाब के रास्ते होकर पशु लादने के लिए मछलीशहर की ओर जाएंगे। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कोतवाल ने इसकी जानकारी अफसरों को दी और खुद राजा साहब तालाब के पास पहुंच गए।
क्राइम ब्रांच की टीम, थानाध्यक्ष खेतासराय, चौकी प्राभारी सरायपोख्ता हरि प्रकश यादव, चौकी प्रभारी पूर्वांचल मय फोर्स राजा साहब तालाब के पास पहुंच गए। घेराबंदी करके रात में करीब 12:10 बजे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से बिना नंबर की पिकअफ भी पुलिस ने जब्त कर ली। गिरफ्तार आरोपियों में एक ने अपना नाम संतोष पांडेय निवासी गोरारी थाना खेतासराय तथा दूसरे ने अपना नाम रिजवान निवासी चौहट्टा थाना खेतासराय बताया है। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया।