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बदायूं के गैंग ने डाली थी बैंक में डकैती, छह गिरफ्तार

Mon, 25 Jul 2016 01:27 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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सिरौली के हरिदासपुर की उत्तर प्रदेश बड़ौदा ग्रामीण बैंक में हुई 5.86 लाख रुपये की डकैती का पुलिस ने छह डकैतों को पकड़कर खुलासा कर दिया। बदायूं के गैंग ने रैकी करने के बाद डकैती डाी थी। पुलिस ने दो लाख 5 हजार रुपये बरामद किए हैं लेकिन थाना कुंवरगांव के ग्राम गुरुर्रया निवासी मास्टर माइंड अविनाश  फरार हो गया।
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सोलह जून को तीन बाइकों पर सवार आधा दर्जन नकाबपोश बदमाश दिन दहाड़े दोपहर दो बजे धावा बोलकर हथियारों की नोक पर बैंक कर्मियों को बंधक बनाकर मात्र चंद मिनट में ही 5 लाख 86 हजार रुपये लूट लिए थे। पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान ग्राम गुलड़िया आरिल नदी के पास उन्होंने रामवीर पुत्र विजयपाल, निवासी भजनई, थाना अलीगंज, नरेश कुमार पुत्र हीरालाल, राकेश पुत्र राजपाल निवासी ग्राम जंगबाजपुर, थाना सिरौली, बदायूं के थाना कुंवरगांव के गरुर्रया दांव के निराले, बिसौली कोतवाली के कल्लावाला गांव के धर्मवीर पुत्र बाबूराम और भानू पुत्र वेदराम को गिरफ्तार कर लिया। 
रविवार को पुलिस लाइंस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि बैंक से लूटी गई रकम में से दो लाख पांच हजार रु पये, पांच देशी तमंचे 315 बोर, दस कारतूस जिंदा, एक खोखा कारतूस खाली, एक चाकू और लूट में इस्तेमाल की गई तीन बाइकें बरामद हुई हैं। इनमें दो डिस्कवर और पैशन प्रो मोटर साइकिल है। 
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राकेश के टूटते ही खुला डकैती का राज
थाना सिरौली के जंगबाजपुर गांव का रहने वाला राकेश कुमार शातिर अपराधी है।  उसके खिलाफ लूट, हत्या और डकैती के मुकदमे दर्ज हैं। वह बदायूं की एक लूट के मामले में अपने भाई वीरेंद्र के नाम जेल चला गया था। पुलिस ने रूटीन में पूछताछ के लिए उठाया तो चार दिन बाद वह बमुश्किल टूट पाया। डकैतों ने सर्विलांस से पकड़ में आने की वजह से घटना में कोई मोबाइल इस्तेमाल नहीं किया। डकैती के दिनों में राकेश ने अपनी मां को भाई के साथ हरिद्वार भेज दिया था।
पूछताछ के दौरान पुलिस से उसने जब यह कहा कि वह डकैती में नहीं था। चाहो तो उसके मोबाइल की लोकेशन दिखवा लो। राकेश ने यह सब प्लानिंग के तहत किया था। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और बोला कि रामवीर को पकड़ लो लूट खुल जाएगी। दो महीने पहले उसने कहा था कि इस बैंक को देखना है। रामवीर को पकड़ा तो  बैंक लूट का खुलासा हो गया। 
 घटना के बाद रामवीर ने प्लास्टर चढ़वा 
एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि रामवीर शातिर अपराधी है। मार्च में ही वह बदायूं जेल से छूटा है। बैंक डकैती के बाद उसने अपने हाथ पर प्लास्टर चढ़वा लिया था। पुलिस उसे पकड़कर लाई तो हाथ दिखाने लगा, लेकिन राकेश को देखते की उसे पसीना छूट गया।
 अविनाश ने तैयार की बैंक लूट 
एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि लूट की योजना बनाने का मास्टर माइंड अविनाश मेडिकल स्टोर चलाता है। उसने फार्मेसिस्ट का कोर्स भी कर रखा है। वह नौकरी के नाम पर ठगी भी करता है। दो महीने पहले राकेश ने रामवीर के साथ बैंक की रैकी भी की थी। उस बैंक में कोई गार्ड, अलार्म, सीसीटीवी कैमरा तथा सुरक्षा के लिए और भी कोई इंतजाम नहीं है। 
घटना से दो दिन पहले डकैत हरदासपुर से सेक्यूलर हाईस्कूल में इकट्ठा हुए।  घटना से पहले  डकैतों के मोबाइल अविनाश के मेडिकल स्टोर पर स्विच ऑफ करके रख दिए गए थे। वहीं बैठकर सही वक्त का इंतजार किया और लूट के बाद डकैत ग्राम दिलीपपुर - बनकोटा होकर अविनाश से मेडिकल स्टोर पर पहुंच गए। वहीं पर रुपयों का बंटवारा हुआ। 
टीम को मिला इनाम
एसएसपी ने डकैती का खुलासा करने वाली टीम के प्रभारी निरीक्षक रामकरन सिंह, दरोगा राजीव कुमार, अजय कुमार, एचसीपी जगपाल सिंह, सिपाही मुबीन खान, मुलायम सिंह, सुरेंद्र सिंह और दिनेश कुमार को पांच हजार का इनाम दिया है। 
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