केशलता नर्सिंग स्कूल के हॉस्टल के कमरे में फांसी पर लटकी छात्रा शीतल को उसका दोस्त आकाश उर्फ राहुल वाल्मीकि ब्लैकमेल कर रहा था। उसने शीतल को अपने प्रेमजाल में फंसाकर संबंध भी बनाए थे। आकाश ने छह महीने में शीतल से 8700 बार बात की और मैसेज किए थे। पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर बुधवार को इसका खुलासा किया।
इज्जतनगर इलाके में डेलापीर स्थित केशलता अस्पताल के ऊपर तीसरी मंजिल पर नर्सिंग कॉलेज का हॉस्टल है। 25 मई को हास्टल के कमरे में बहेड़ी के भोगपुर गांव की छात्रा शीतल ने पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली थी। छात्रा के पिता ने इसके लिए कॉलेज के प्रबंधतंत्र को जिम्मेदार बताया था। इसी आधार पर पुलिस ने मुकदमा लिखकर विवेचना शुरू कर दी थी। पुलिस के मुताबिक शीतल तीन मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर रही थी। उनकी कॉल डिटेल की छानबीन करने से पता चला कि वह एक ही नंबर पर सबसे ज्यादा बात करती थी। वह नंबर ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) के किच्छा निवासी आकाश उर्फ राहुल वाल्मीकि पुत्र नरेश कुमार वाल्मीकि का निकला। प्रभारी निरीक्षक रामगोपाल शर्मा ने बताया कि शीतल के रूममेट और परिवार वालों के बयानों से यह साक्ष्य मिले हैं कि आकाश उसे ब्लैकमेल कर रहा था। आकाश को गिरफ्तार करके पूछताछ की गई तो उसने शीतल से संबंध होने की बात की स्वीकार की है। आकाश के पिता किच्छा नगर पालिका में सफाई कर्मचारी हैं। आकाश को जेल भेज दिया गया है।
कई लड़कियों के संपर्क में था आकाश
पुलिस के मुताबिक आकाश उर्फ राहुल के मोबाइल की कॉल डिटेल से पता चला है कि वह कई और लड़कियों के भी संपर्क में था। पिता ने उसे बाइक खरीदकर दे रखी थी। बहेड़ी में उसका आना-जाना था। इस दौरान उसकी शीतल से मुलाकात हुई थी। नर्सिंग कॉलेज में शीतल से वह एक साल सीनियर था। पुलिस का कहना है कि आकाश लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर उन्हें हवस का शिकार बनाने के बाद ब्लैकमेल करता था। शीतल से भी उसके करीबी संबंध थे। खुदकुशी करने से पहले उसकी अनबन चल रही थी। वह शीतल से बहुत कम बात करता था। इसी को लेकर शीतल परेशान रहती थी। लड़कियों को वह अपना असली नाम आकाश के बजाए राहुल बताया था। फेसबुक पर भी उसने राहुल से नाम से फर्जी आईडी बना रखी है।